गणाई से कुनलता के लिए बनी सड़क 12 साल बाद भी पक्की नहीं हो पाई है। थोड़ी सी बारिश में सड़क बंद हो जाती है। सड़क पर वाहन रपटते हैं। कई जगह सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जो हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। ग्राम प्रधान और स्थानीय लोगों ने सड़क में डामर न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधान कल्पना पंत, सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पंत, रमेश नियोलिया बताते हैं कि 11 किमी लंबी सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि हर समय दुर्घटना का भय लगा रहता है। दो दिन पहले ही एक जीप सड़क से नीचे गिरते-गिरते बची। बताया कि लोनिवि सड़क की ओर कतई ध्यान नहीं देता है। सड़क पर डामरीकरण का मामला उठाने पर विभाग धन न होने की बात कहता है। सड़क बंद हुई तो ग्राम प्रधान और सामाजिक कार्यकर्ता स्थानीय लोगों के साथ सड़क को खुलवाते हैं।
इन लोगों ने कहा कि लोनिवि सड़क पर एक माह के भीतर डामरीकरण की कार्रवाई नहीं करता है तो क्षेत्र के लोगों को साथ लेकर विभाग के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा। नेताओं का भी घेराव किया जाएगा। उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता दीप चंद्र तिवारी कहते हैं कि डामरीकरण की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगी।
सड़क निर्माण की मांग को दिया ज्ञापन
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट से पमस्यारी तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को ज्ञापन देकर पमस्यारी तक शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है। पमस्यारी के ग्राम प्रधान पार्वती देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कहा कि पमस्यारी के ग्रामीण पांच से आठ किमी की दूरी पैदल दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं। बीमार लोगों को गांव से आने के लिए आज भी डोली का सहारा लेना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग ने दो किमी तक पमस्यारी सड़क का निर्माण किया है लेकिन अंतिम चरण में काम अधूरा रहने से सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने कहा कि सड़क का काम शीघ्र पूरा करा लिया जाएगा। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पमस्यारी सड़क निर्माण के लिये भेजी डीपीआर को स्वीकृति मिल चुकी है। शीघ्र ही सड़क निर्माण के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सड़क निर्माण में देरी की गई तो 2017 के चुनाव का बहिष्कार कर देंगे।
थल-सातशिलिंग सड़क निर्माण की तत्काल जांच हो
थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि थल-सातशिलिंग सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी की जांच तत्काल शुरू की जाए। जांच की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने 15 जून को धरना दिया था। तब प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि जांच कमेटी का गठन कर तत्काल सड़क का निरीक्षण होगा। दस दिन बीतने पर भी प्रशासन ने न तो जांच कमेटी बनाई है और न जांच का काम ही शुरू किया है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि यदि पिछले बार के आंदोलनों की तरह इस बार भी मामले को भटकाने की कोशिश की गई तो गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि जल्दी जांच न होने पर पंचायत प्रतिनिधि फिर से आंदोलन छेड़ देंगे।