मुनस्यारी-मिलम सड़क पर गिरा बोल्डर और निरीक्षण के लिए पहुंचे एसडीएम वैभव कांडपाल और बीआरओ के अ
पिथौरागढ़/मुनस्यारी। बारिश के कारण मलबा और बोल्डर गिरने से जिले में छह सड़कें बंद हैं। इससे 15 हजार से ज्यादा की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क पर चार दिन से, जबकि आदिचौरा-हुनेरा सड़क पर दो सप्ताह बाद भी आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है।
चार दिन पूर्व मुनस्यारी-मिलम सड़क पर रलगाड़ी और लीलम के बीच बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई थी। इसे अब तक नहीं खोला जा सका है। इससे सेना के जवानों के साथ ही माइग्रेशन वाले 13 गांवों के ग्रामीणों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जवानों और ग्रामीणों को चौकियों और गांवों तक पहुंचने के लिए बदहाल रास्तों पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
इसी तरह आदिचौरा-हुनेरा सड़क दो सप्ताह बाद भी नहीं खुल सकी है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों का गांवों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। किसी तरह क्षेत्र के लोग पीठ पर सामान ढोकर मलबा और बोल्डरों के बीच पैदल सफर कर रहे हैं।
बारिश के बाद मलबा आने से नाचनी-भैंसकोट, आदिचौरा-सीढ़ी, मदकोट-बौना और मुनस्यारी-हरकोट सड़कें भी बंद हैं। क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
एसडीएम ने किया मुनस्यारी-मिलम का निरीक्षण
मुनस्यारी। एसडीएम वैभव कांडपाल ने कार्यभार संभालने के बाद मंगलवार को मुनस्यारी-मिलम सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों के साथ बंद सड़क का जायजा लिया और रोड को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। बीआरओ के मुताबिक, रलगाड़ी और लीलम के बीच पहाड़ी दरकने से विशालकाय बोल्डर सड़क पर गिरे हुए हैं जिन्हें हटाने में दो से तीन दिन का समय और लगेगा। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार वतन गुप्ता, नायब तहसीलदार भुवन लाल वर्मा शामिल रहे। संवाद
कोट
मलबा आने से सड़कें बंद हो रही हैं। इन्हें खोलने का काम जारी है। जल्द सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू हो जाएगी। - भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी