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Pithoragarh News: एक साथ जलीं छह चिताएं, बोकटा गांव के घरों में चीत्कार

Wed, 16 Jul 2025 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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मुवानी के केदारेश्वर घाट में एक साथ जलीं सड़क दुर्घटना के छह मृतकों की चिता। संवाद
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मुवानी (पिथौरागढ़)। मुवानी में मंगलवार को हुए अमंगल के बाद बुधवार को जब शव घरों में पहुंचे तो गांव से चीत्कार गूंज सुनाई देती रहीं। दो सगी बहनों के साथ एक महिला सहित गांव के छह मृतकों की चिता एक साथ जलीं। सात वर्ष की मासूम का शव दफनाया गया जबकि गांव की विवाहित बेटी का शव उसके घर चंडाक भेजा गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और बोकटा गांव में मातम पसरा रहा।
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सातशिलिंग-थल सड़क पर मुवानी से एक किलोमीटर दूर बीते मंगलवार को चालक सहित 14 यात्रियों से भरी मैक्स भंडारीगांव पुल के पास खाई में गिर गई। हादसे में आठ यात्रियों की मौत हो गई। इनमें बोकटा गांव की दो सगी बहनें, तीन अन्य महिलाएं और तीन पुरुष यात्री शामिल थे। देर रात मुवानी पीएचसी में ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। बुधवार को मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ। मायके आई चंडाक निवासी मृतका का शव उनके घर भेजा गया।
सात साल की मासूम का शव दफनाया गया जबकि अन्य छह मृतकों की रामगंगा नदी के किनारे केदारेश्वर घाट पर एक साथ चिता जलीं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। बोकटा के ग्रामीणों के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ झलक रहा था। हरेले की खुशियों के बीच बोकटा गांव में एक साथ इतनी मौतों से मातम पसरा हुआ है और अपनों को खोने वाले परिजनों की पूरे दिन चीत्कार सुनाई देती रही।
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डीएम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
डीएम विनोद गोस्वामी और एसपी रेखा यादव ने अन्य अधिकारियों के साथ बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने घटना की गंभीरता से जांच कर लोनिवि के अधिकारियों को सड़क पर सुरक्षा के उचित इंतजाम करने के निर्देश दिए। बाद में डीएम अपनों को खोने वाले परिजनों का दर्द जानने बोकटा गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देकर हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

सांत्वना देने पहुंचे लोगों के भी छलके आंसू
जहां जिले भर में हरेला पर्व का उत्साह रहा वहीं एक साथ सात ग्रामीणों की मौत से बोकटा गांव में मातम पसरा रहा। घरों से कभी सिसकियां निकलती रहीं तो कभी चीत्कारों से क्षेत्र गूंजता रहा। अपनों को खोने वाले ग्रामीणों का दर्द बांटने जो भी उनके पास पहुंचा, वह भी अपने आंसू नहीं रोक सका। दिन भर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी रही।

मौत को हराकर जब आंखें खुलीं तो आसपास नजर आए अपनों के शव
मुवानी में हुई सड़क दुर्घटना के घायलों ने सुनानी आपबीती, कहा हम तो बच गए किस्मत से लेकिन हमेशा सताएगा अपनों को खोने का दर्द
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सातशिलिंग-थल सड़क पर मुवानी के पास हुई भयानक सड़क दुर्घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण हादसे में जीप में सवार आठ यात्रियों को काल के गाल में समाना पड़ा जबकि छह यात्री बाल-बाल बच गए जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों ने बताया कि जीप के खाई में गिरते ही उनकी आंखें बंद हो गईं थी। मौत को हराकर जब होश आने पर आंखें खुलीं तो आसपास अपनों के शव नजर आए। घायलों ने कहा कि किस्मत से वे बच तो गए लेकिन अपनों को खोने का दर्द उम्र भर कचोटता रहेगा।
सड़क दुर्घटना के घायलों का हाल जानने के लिए बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम जिला अस्पताल पहुंची तो उनके आंसू नहीं रुके। अपनों को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। अस्पताल में भर्ती श्याम सिंह सहित अन्य घायलों ने बताया कि सभी ग्रामीण एक साथ घर जाने के लिए जीप में सवार हुए थे। भंडारीगांव पुल के पास अचानक जीप अनियंत्रित होकर खाई में गिरने लगी तो उनकी आंखें बंद हो गईं और वे बेहोश हो गए।
अगले 10 मिनट तक मौत को हराने के बाद जब होश आया और आंखें खुलीं तो आसपास भयानक मंजर दिखा। जीप पलटी हुई थी और शव आसपास बिखरे पड़े थे। पता ही नहीं चल रहा था कि कौन जिंदा बचा है और किसे मौत अपने साथ ले गई है।
दर्द से कराहते हुए हौसला जुटाकर वह अन्य यात्रियों के पास पहुंचे लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थी। गांव की बहू-बेटियों के साथ आठ लोग मौत के मुंह में समा गए। उन्होंने कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि मौत उन्हें छूकर निकल गई लेकिन अपनों के जाने का गम उम्र भर उन्हें सालता रहेगा।

घायल ने कहा- पैदल चल रहे चार लोग भी गाड़ी के साथ खाई में गिरे
पिथौरागढ़। घायल श्याम सिंह ने घटना के बारे में नया खुलासा किया है। उनके मुताबिक वाहन में चालक सहित 10 लोग ही सवार थे। घटनास्थल के पास गांव के ही चार लोग पैदल गुजर रहे थे। अनियंत्रित वाहन की चपेट में आकर वे चारों भी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई। श्याम सिंह के इस बयान ने घटना में एक अलग ही मोड़ ला दिया है। इस बात में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा तो जांच के बाद ही हो सकेगा।

एसडीएम डीडीहाट करेंगे घटना की मजिस्ट्रेट जांच
डीएम विनोद गोस्वामी ने दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने एसडीएम डीडीहाट को जांच अधिकारी नामित किया है। आदेश के अनुसार जांच अधिकारी सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर आख्या प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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