पिथौरागढ़। सीमांत जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बेस अस्पताल में फैकल्टी के रूप में विशेषज्ञों की तैनाती के लिए साक्षात्कार तो हो रहे हैं लेकिन सीटें नहीं भर पा रही हैं। स्थिति यह है कि दो वर्षों में छह बार साक्षात्कार होने के बाद यहां सिर्फ दो विशेषज्ञों की तैनाती ही हो सकी है। अब विभाग को सातवें साक्षात्कार से उम्मीद है।
लाखों रुपये वेतन देने के बाद भी बाद भी मेडिकल कॉलेज के अधीन 63 करोड़ से बने बेस अस्पताल में विशेषज्ञों के रूप में फैकल्टी की नियुक्ति नहीं हो रही है। यहां प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 76 पद स्वीकृत हैं। 24 महीने में छह साक्षात्कार होने के बाद भी यहां अब तक सिर्फ हड्डी और ईएनटी विभाग में एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती हुई है।
अब चिकित्सा शिक्षा विभाग 14 अक्तूबर को सातवां साक्षात्कार करने जा रहा है। विभाग के लिए यहां फैकल्टी और विशेषज्ञों की तैनाती करना चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों की कमी से लोग बेहतर इलाज के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
बगैर फैकल्टी के मेडिकल कॉलेज में कैसे शुरू होगी पढ़ाई
मेडिकल कॉलेज में अगले वर्ष पहले बैच की पढ़ाई शुरू करने के दावे हो रहे हैं। पिछले दो वर्षों में तमाम कोशिशों के बाद भी यहां कुशल डॉक्टर तैयार करने के लिए फैकल्टी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बगैर फैकल्टी के मेडिकल की पढ़ाई कैसे शुरू होगी, यह सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है।
इन फैकल्टी की होनी है तैनाती
प्रोफेसर - 16
एसोसिएट प्रोफेसर - 24
असिस्टेंट प्रोफेसर - 36
कोट:
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और बेस में विशेषज्ञों की तैनाती के लिए साक्षात्कार जारी हैं। उम्मीद है विशेषज्ञ मिलेंगे। अब स्थायी तौर पर फैकल्टी की नियुक्ति होगी। - डॉ. अजय आर्य, सहायक निदेशक, चिकित्सा शिक्षा विभाग, देहरादून