मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। झापुली-बोना सड़क धंसने से भारी भूस्खलन हो रहा है। हल्की बारिश में भी दरारें चौड़ी होकर घरों के आंगन तक पहुंचने लगीं हैं। ऐसे में हम रात में भी ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। यह कहना है झापुली के नौ परिवारों का। सड़क पर भूस्खलन होने से इन प्रभावितों के मकान खतरे में हैं जो बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
तहसील क्षेत्र में झापुली-बोना मोटर मार्ग पर झापुली में दो सप्ताह पूर्व सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से सड़क पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। इससे ऊपर बने नौ मकान खतरे में आ गए हैं। प्रभावित भवान सिंह, मोहन सिंह, ठाकुर सिंह, बेलमति देवी, नारायण सिंह, महेंद्र सिंह, जगत सिंह, नैन सिंह, भवान सिंह ने कहा कि अपने आशियानों और परिवार जनों की चिंता से उनकी रातों की नींद भी गायब हो गई है। बारिश शुरू होते ही वे जमीन और मकानों की निगरानी करने के लिए मजबूर हैं। प्रभावितों ने कहा कि यदि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए तो उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
-
सड़क बंद होने से तीन गांवों में आपूर्ति ठप
मुनस्यारी। झापुली–बोना मोटर मार्ग पर दो हफ्ते से यातायात बाधित है। ऐसे में बोना, तोमिक और गोल्फा में खाद्यान्न सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। बीमार इलाज के लिए अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए राशन सहित अन्य दैनिक उपयोग के सामान की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। संवाद
प्रभावितों के विस्थापन की मांग
मुनस्यारी। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने एसडीएम डॉ. ललित मोहन तिवारी के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर प्रभावितों के विस्थापन की मांग की है। उन्होंने कहा कि झापुली-बोना क्षेत्र गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। लंबे समय बाद भी बंद सड़क को नहीं खोला जा सका है। प्रभावितों के मकान खतरे में हैं। ऐसे में उनका सुरक्षित विस्थापन जरूरी है। उन्होंने जल्द प्रभावितों की सुध न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में प्रहलाद सिंह बृजवाल, किशोर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद
लोनिवि, तहसीलदार, भूगर्भ विभाग को स्थलीय निरीक्षण कर जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.ललित मोहन तिवारी, एसडीएम, मुनस्यारी
-