कृषि लोन माफ करने की मांग को लेकर अस्कोट में प्रदर्शन करते किसान
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बेड़ीनाग के पुरानाथल में एक किसान की आत्महत्या के मामले में अब अन्य किसान भी आंदोलन को उतारू हो गए हैं। अस्कोट में रविवार को किसानों ने मोटर स्टेशन पर प्रदर्शन किया और किसानों का कृषि कर्ज माफ करने की मांग की। अस्कोट क्षेत्र के 80 फीसदी किसानों ने सहकारी समितियों से कर्ज ले रखा है। किसान चाहते हैं कि इस कर्ज को माफ किया जाए। रविवार के प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें राजनीतिक दलों के लोग शामिल नहीं हुए।
किसान नेता जीत सिंह रावत ने कहा कि इस बार सूखा और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार ने राहत राशि देना तो दूर नुकसान का सर्वे तक नहीं कराया है। इस तरह की स्थिति में किसान हताशा में है और वह आत्महत्या जैसे कदम उठाने को विवश है। उन्होंने कहा कि किसान सुरेंद्र सिंह की आत्महत्या के मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यह पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। अब तो कम से कम सरकार को किसानों के बारे में सोचना होगा। प्रदर्शन में दानी राम, रमेश कुंवर, माधव राम, पूरन सिंह, खगेंद्र रावत, विक्रम पाल, नारायण सिंह, बहादुर सिंह आदि शामिल हुए।
कांग्रेस का उपवास कार्यक्रम आज
पिथौरागढ़। बेड़ीनाग तहसील के पुरानाथल में किसान की आत्महत्या के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस ने सोमवार को पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में उपवास पर बैठने का एलान किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने बताया कि उपवास में राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस लगातार आंदोलन जारी रखेगी।