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20 साल तक मृत दिखाया, अब वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं दे रहे

Wed, 02 Jan 2019 10:20 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
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भागीरथी देवी - फोटो : अमर उजाला
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अधिकारियों की लापरवाही ने एक महिला को मृत दर्शा दिया गया। इसके चलते निर्धन महिला को पिछले 22 वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन सहित कई सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा। दो वर्ष पहले यह मामला उठा तो कागजों में महिला को जीवित तो दिखा दिया गया लेकिन अब भी उन्हें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पा रही है। हद यह है समाज कल्याण विभाग को अभी इस मामले की जानकारी तक नहीं है।

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सीमांत धारचूला विकासखंड की फुलतड़ी गांव निवासी भागीरथी देवी की उम्र इस समय लगभग 83 साल है। उनके पति कल्याण सिंह का निधन हो चुका है। भागीरथी देवी को वर्ष 1996 तक वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा था। इसी बीच ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की गलती से सरकारी कागजों में उन्हें मृत दर्शा दिया । तब से उनकी पेंशन बंद हो गई। यहां तक कि सरकारी फाइलों में मृत दिखा देने से भागीरथी अन्य लाभों से भी वंचित हो गई। क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम सिंह थलाल ने इस मामले को जुलाई 2016 की खुली बैठक में उठाया।

इसके बाद मृत घोषित कर दी गई भागीरथी को कागजों में जीवित तो कर दिया गया, लेकिन दो साल बाद भी उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम सिंह ने समाज कल्याण विभाग से निर्धन महिला को वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सुविधाएं शीघ्र देने की मांग की है। जिला समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल का कहना है कि इस तरह का मामला अब तक उनके संज्ञान में नहीं था। इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर संबंधित महिला को पेंशन का लाभ दिलाया जाएगा।

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