झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल सीमा से लगे गांवों को जोड़ने वाली बलतड़ी सड़क छह दिन से बंद है। इस कारण क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है। सड़क खोलने में हो रही ढिलाई के कारण गांव के लोगों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
मूनाकोट ब्लॉक में काली नदी के किनारे झूलाघाट से बलतड़ी सड़क पर 11 जुलाई की देर शाम बारिश के कारण मलबा आ गया था। पीएमजीएसवाई ने वर्षाकाल में पोकलैंड मशीन तो लगा रखी है, लेकिन मशीन का डीजल रोज समाप्त होने के कारण काम में रुकावट आ रही है। वहीं सड़क बंद होने से पीपलतड़ा, तड़ीगांव, बोनकोट, टाकुला, लमीजर, बलतड़ी और अमखोला के लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
रसोई गैस समेत जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है। बलतड़ी के ग्रामीण सुरेश भट्ट ने बताया सड़क बंद होने से बाहरी राज्यों से आने वाले लोग पिथौरागढ़ में फंसे हैं। वे लोग सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने विभाग से आपदाकाल तक क्षेत्र में डीजल के बैरल रखने को कहा है।
सड़क को बंद हुए छह दिन हो चुके हैं। विभाग कछुआ गति से काम कर रहा है। मलबाग्रस्त क्षेत्र से गुजरने वाले स्कूली बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
-लीलाधर भट्ट, बलतड़ी।
सड़क बंद होने का सबसे अधिक नुकसान मरीजों को हो रहा है। बीमार को डोली से पैदल उस पार ले जाकर गाड़ी से ले जाना पड़ रहा है। प्रशासन ने सीमांत की सड़कों को खोलने में तत्परता दिखानी चाहिए। -किशन चंद, बलतड़ी।