चंपावत। लोहाघाट डिपो में बसों की कमी के कारण इस दिवाली यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपो को बंद पड़े मार्गों पर सेवा बहाल करने के लिए 20 नई बसों की आवश्यकता है। वर्तमान में डिपो के पास केवल 27 बसें हैं जो एक दशक पहले 40 से अधिक थीं।
नई बसों के अभाव में कानपुर, चंडीगढ़, बरेली, काशीपुर और सिमलखेत जैसे कई महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्गों पर बस सेवा लंबे समय से बंद है। सरकारी बसों के न चलने से यात्रियों को निजी टैक्सियों में दोगुना-तिगुना किराया देना पड़ रहा है। डिपो की 27 बसें केवल 13 रूटों पर ही संचालित हो पा रही हैं। डिपो प्रशासन ने मुख्यालय को 20 नई बसों की मांग का प्रस्ताव भेजा है। यह मांग दिवाली और वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले को देखते हुए की गई है। कनिष्ठ केंद्र प्रभारी जगदीश नारायण ने दिवाली से पहले कुछ नई बसें मिलने की उम्मीद जताई है।
एक वर्ष पहले बेड़े में थीं 34 बसें
जून 2025 तक लोहाघाट डिपो के बेड़े में 34 बसें थीं। इनमें से मानक पूरा कर चुकी सात बसों को टनकपुर डिपो में जमा करा दिया गया है। इससे डिपो में बसों की संख्या घटकर 27 रह गई है। बसों की संख्या में आई इस कमी के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डिपो में बसों की कमी बनी हुई है। दिवाली के सीजन में नई बसें नहीं मिलीं तो यात्रियों को परेशानी हो सकती है। 20 नई बसों की मांग का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। उम्मीद है कि डिपो को कुछ नई बसें मिल जाएंगी। -धीरज वर्मा, एआरएम, लोहाघाट डिपो