झूलापुल बंद होने से धारचूला की नेपाल रोड बाजार में पसरा सन्नाटा
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भारत और नेपाल को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से मंगलवार को नेपाल रोड की सभी दुकानों के ताले नहीं खुल पाए। नेपाल के ग्राहकों पर निर्भर इन व्यापारियों को अब 16 फरवरी की सुबह झूलापुल खुलने का इंतजार करना होगा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए सोमवार सुबह से पुल से आवाजाही बंद है। नेपाल के दार्चुला जिले से रोजाना करीब 500 लोग धारचूला बाजार में खरीदारी के लिए आते हैं। नेपाल रोड पर स्थित करीब 25 दुकानों का व्यवसाय नेपाल के ग्राहकों पर ही निर्भर रहता है। इस रोड पर ज्यादातर राशन, कपड़ा, सब्जी, कास्मेटिक की दुकानें हैं।
पुल बंद होने का असर नेपाल के किसानों पर भी पड़ा है। नेपाल के लोग रोजाना हरी सब्जी, फल, पहाड़ी दालें, दूध जैसी सामग्री को धारचूला बाजार में बेचने लाते हैं। सोमवार से यह सामग्री आना बंद हो गई है। नेपाल रोड के व्यापारी देवराज गर्ब्याल, जीत आगरी आदि ने बताया कि नेपाल के ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से ही दुकानों में सामान रखा गया है। नेपाल में गरीबी ज्यादा है। वहां के गांवों के लोग भारतीय बाजार से मोटा चावल खरीदकर ले जाते हैं।
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने बताया कि भारतीय क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग नेपाल के दार्चुला बाजार में खरीदारी के लिए जाते हैं। पुल बंद होने से नेपाल का दार्चुला बाजार भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए भारतीय क्षेत्र के व्यापारी अपनी ओर से पूरा सहयोग दे रहे हैं। वह एक-दो दिन की परेशानी झेलने को तैयार हैं।
नेपाल के बच्चे नहीं आ पाए स्कूल
जौलजीबी का अंतरराष्ट्रीय झूलापुल बंद होने से नेपाल के उकू, बांकू, पस्ती गांवों के कई बच्चे मंगलवार को जौलजीबी स्कूल नहीं आ पाए। नेपाल के कई बच्चे जीआईसी जौलजीबी में पढ़ते हैं। अब बुधवार को मतदान दिवस के कारण विद्यालय बंद रहेगा। बच्चे 16 फरवरी को ही विद्यालय आ पाएंगे।