प्रेमिका के पिता के कहने पर प्रेमी को मारने पहुंचे शूटर को लड़के के साहस के आगे हार माननी पड़ी। शूटर ने लड़के को मारने के इरादे से उससे लिफ्ट मांगी और कार में बैठते ही तमंचा तान दिया। लड़के को कुछ समझ में आता इससे पहले ही शूटर ने गोली चलाई पर फायर मिस हो गया। शूटर दोबारा तमंचा लोड करता इससे पहले ही लड़के ने उसे दबोच लिया। खुद को फंसता देख शूटर मौका देखकर फरार हो गया। लड़के ने फौरन पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने भी 10 दिन की विवेचना के बाद आरोपी और उसे सुपारी देने वाले लड़की के मामा को दबोच लिया है। लड़की के पिता को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस उसकी तलाश में गुड़गांव गई हुई है।
गुड़गांव हरियाणा निवासी एक व्यक्ति से जयंत की सुपारी मिलने के बाद नितिन कुमार पोसवाल ने शूटर सज्जन कुमार और अंकित पांडेय से संपर्क साधा। दोनों से जयंत को मारने की बात की और ढाई लाख में सुपारी तय कर ली। इसके बाद दोनों शूटर 28 अक्तूबर को जयंत को मारने के लिए स्विफ्ट डिजायर कार डीएल 1आरटीसी 3159 से पिथौरागढ़ आए और फर्जी आईडी और नाम बदलकर एक होटल में रुके। सज्जन राघव बनकर दौला गांव पहुंचा और कमरा खोजने के बहाने जयंत की रेकी करने लगा। कुछ दिन रुकने के बाद दोनों शूटर लौट गए। पांच नवंबर को दोनों शूटर के साथ नितिन भी कार से पिथौरागढ़ आया।
दोनों शूटर एक बार फिर जयंत को मारने की फिराक में लग गए। मौका नहीं मिलने पर तीनों लौट गए। 19 को सज्जन फिर पिथौरागढ़ आया और जंयत से मेलजोल बढ़ाने लगा। उसने जयंत को घूमने और पार्टी का लालच भी दिया पर जयंत उसकी बातों में नहीं आया। एक और मौका चूकने पर सज्जन ने दूसरा प्लान बनाया और लिफ्ट लेने के इरादे से 21 नवंबर को बाखली बारात घर के पास जयंत का इंतजार करने लगा। जयंत को कार से आता देख उसने उससे लिफ्ट मांगी।
जयंत उससे पहले कई बार मिल चुका था लिहाजा उसने भी कार रोक दी। कार में बैठते ही सज्जन ने जयंत की ओर तमंचा तान दिया। जयंत कुछ समझ पता कि सज्जन ने गोली चला दी पर फायर मिस हो गया। सज्जन दोबारा तमंचा लोड करता इससे पहले जयंत ने उसे दबोच लिया। खुद को फंसता देख सज्जन कार का गेट खोलकर भाग निकला। इधर जयंत ने मामले की तहरीर कोतवाली में दी थी।
एसपी के निर्देश पर कोतवाल ने आरोपी के गिरफ्तारी के लिए टीम गठन किया था। एसओजी और पुलिस टीम ने जयंत की हत्या करने आए आरोपी युवक सज्जन कुमार को गाजियाबाद से और नितिन को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 307 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर गिरफ्तार कर दिया। पुलिस टीम में एसआई विजय कुमार, प्रियांशु जोशी, सुरेश कंबोज, कांस्टेबल जनरैल सिंह, राजकुमार सिंह, बलवंत सिंह, गोविंद सिंह शामिल रहे।