प्राथमिक विद्यालय तामाखानी की जर्जर छत। संवाद
बंगापानी(पिथौरागढ़)। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मदरमा और तामाखानी के जर्जर भवन सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। दोनों विद्यालयों के भवन बाहर से तो चकाचक हैं लेकिन भीतर से खंडहर से कम नहीं हैं। जर्जर छत के अंधड़ में उखड़ने की आशंका से खतरा बढ़ गया है। इन विद्यालयों में 20 से अधिक विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
प्राथमिक विद्यालय मदरमा और तामाखानी के विद्यालय की छत पर लगे तख्ते और बल्लियां पूरी तरह सड़ चुकी हैं। ऐसे में छत पर डाले गए टिन के अटकने के लिए कोई सहारा नहीं है। इन दिनों जिले में मौसम का यलो अलर्ट जारी है और तेज हवाओं के साथ अंधड़ चल रही है। ऐसे में दोनों विद्यालयों की छत पर लगे टिन अंधड़ से उखड़ने लगे हैं जो किसी बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। अभिभावकों का कहना है कि यदि विद्यालय भवनों की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे अपने बच्चों को खतरे के बीच पढ़ने के लिए यहां नहीं भेजेंगे।
18 लाख का प्रस्ताव फांक रहा है धूल
दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए बढ़ते खतरे को देखते हुए बीते वर्ष नवंबर महीने में शिक्षा विभाग ने इनकी मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया। दैवी आपदा मद से 18 लाख रुपये की मांग की गई। यह प्रस्ताव अब तक प्रशासन की सरकारी फाइलों में धूल फांक रहा है।
बोले अभिभावक
स्कूल की छत अंधड़ से उखड़ने लगी है इससे विद्यार्थियों के लिए खतरा पैदा हो गया है। हमें अपने बच्चों की चिंता सता रही है। ऐसे में यदि छत की मरम्मत नहीं हुई तो हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। - शांति देवी, मदरमा
बच्चों के घर लौटने तक उनकी चिंता सताती है। इस मौसम में कब छत उखड़ जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। शासन-प्रशासन को हमारे बच्चों की कोई चिंता नहीं है। - राजंती देवी, तामाखानी
कोट
दोनों विद्यालयों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर दैवी आपदा मद से धन की मांग की गई है। धन स्वीकृत होते ही विद्यालयों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। - डीएल आर्या, खंड शिक्षा अधिकारी, मुनस्यारी