चंपावत। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत टीईटी प्रथम उत्तीर्ण और डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षा मित्र संगठन ने का कहना है कि किस आधार पर मानदेय पर कार्यरत 186 शिक्षामित्रों को समायोजन से वंचित किया गया है। उनका कहना है उत्तराखंड राज्य के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में विगत 24 वर्षो से वर्तमान तक अल्प मानदेय पर कार्यरत 186 शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण और डीएलएड प्रशिक्षित है। उनका समायोजन सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर होना है।
शिक्षा मित्र संगठन का कहना है कि प्रदेश में 31 मार्च 2019 के बाद मानदेय पर आधारित शिक्षा मित्र और औपबंधिक शिक्षा मित्र दोनों को ही प्राथमिक शिक्षक की सीधी भर्ती में आवेदन कर नियमित नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान किया गया है। बावजूद इसके 31 मार्च 2019 के बाद टीईटी उत्तीर्ण 306 औपबंधिक शिक्षा मित्रों का समायोजन बिना बेसिक शिक्षा नियमावली संशोधित किए सात जनवरी 2022 को बिना किसी आधार के समायोजित किया गया।
टीईटी उत्तीर्ण और डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षा मित्र संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष विद्याधर जोशी का कहना है कि एक ही राज्य में दो संविधान दो प्रावधान लागू किए गए हैं। एक समान कार्य, एक समान पद, एक समान शैक्षिक अर्हता, एक ही नियमावली से आच्छादित होने के बावजूद भी एक शिक्षा मित्र को नियमित नियुक्ति और एक शिक्षा मित्र को अल्प मानदेय किस आधार पर दिया जा रहा है। टीईटी उत्तीर्ण और डीएलएड प्रशिक्षितों का कहना है कि उनकी समस्या का संज्ञान लेकर समाधान किया जाए।