शैरोन डे पर वीर सपूतों को किया याद
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तृतीय कुमाऊं राईफल्स ने अपना 98वें बैटल ऑनर शैरोन डे धूमधाम से मनाया गया। इसमें बटालियन के पूर्व सैनिकों, परिवार की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। तृतीय कुमाऊं राईफल्स के अमर सपूतों और युद्ध में शहादत देने वाले सेनानियों को भी याद किया गया।
कुमाऊं राईफल्स के कमांडिंग आफिसर कर्नल धीरज कुमार सिंह ने बताया कि 23 अक्तूबर 1917 में 4/39 कुमाऊं राईफल्स की स्थापना होने के तुरंत बाद अंग्रेजी टुकड़ी के साथ मिश्र की लड़ाई में भेजा गया। जहां कुमाऊंनियों ने अपने साहस और वीरता का परिचय देते हुए तुर्की सेना को अपने युद्ध कौशल से पराजित किया।
1923 में 4/39 कुमाऊं राईफल्स का नाम बदल कर प्रथम कुमाऊं राईफल्स रखा गया। बटालियन के शौर्य और पराक्रम को देखते हुए बटालियन को बैटल ऑनर शैरोन-मैगीडो-प्लेस्टाईन से सम्मानित किया गया। तब से लेकर आज तक शैरोन डे को वीर सपूतों की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर बटालियन के पूर्व सैनिक, वीर नारियां समेत तमाम सैन्य अधिकारी मौजूद थे।