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नाथ शंभु धनु भंजन हारा होईही कोई इक दास तुम्हारा...

Fri, 04 Nov 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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जाख की रामलीला में धनुष टूटने से नाराज परशुराम - फोटो : अमर उजाला
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जाख की रामलीला में धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया। बांस की रामलीला में रामजन्म, ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। वहीं, आठगांव शिलिंग में रामलीला शुरू हो गई है।
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जाख की रामलीला में धनुष यज्ञ के बाद जनक दरबार पहुंचे परशुराम शिव धनुष टूटा देख काफी क्रोधित हो उठते हैं। राजा जनक से कहते हैं-बता जल्दी जनक राजा ये शिव धनु तोड़ने हारा। भगवान राम कहते हैं-नाथ शंभु धनु भंजन हारा होईही कोई इक दास तुम्हारा। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण में तीखा संवाद होता है। परशुराम भगवान राम को पहचान जाते हैं। अपना धनुष भगवान राम को सौंपकर हिमालय की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। परशुराम के पात्र संतोष भट्ट के अभिनय को खासी सराहना मिली। मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश महामंत्री पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती थे।

बांस की रामलीला में राम जन्म के पश्चात महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को मांग कर ले जाते हैं। राम, लक्ष्मण के हाथों ताड़का, सुबाहू राक्षस का वध होता है। मारीच को भगवान राम बाण से दूर फेंक देते हैं। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री प्रकाश पंत थे। वहीं, आठगांव शिलिंग में पहले दिन नटी सूत्रधार नाटक, रावण, कुंभकरण, विभीषण की तपस्या और राम, सीता के जन्म की लीला का मंचन किया गया। रामलीला का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया ने किया। इससे पहले रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह मोसाल और पंडित हरीश चंद्र पांडेय ने गणेश पूजा संपन्न कराई। 
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रामलीला के पात्रों को किया सम्मानित
अस्कोट। 18 दिनों तक चली रामलीला का विधिवत समापन हो गया। रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रामलीला के सभी पात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पंडित नारायण दत्त पंत ने सभी अनुष्ठान संपन्न कराए। मुख्य यजमान कमेटी के संरक्षक विक्रम सिंह पाल थे। पारायण के साथ प्रसाद वितरण किया गया। कमेटी के अध्यक्ष होशियार सिंह पाल ने कहा कि अगले वर्ष रामलीला को भव्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में गणेश कुंवर, खड़क सिंह भंडारी, खड़क सिंह पाल, तनुज पाल, हरीश पाल आदि थे।
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