पिथौरागढ़। नगर निगम बनने के बावजूद पिथौरागढ़ के कई क्षेत्रों में सीवर लाइन योजना का विस्तार नहीं हो पाया है। इसके कारण इन इलाकों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से बीते वर्ष 19 दिसंबर को सीवर लाइन विस्तार के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी गई थी। परियोजना के तहत बजेटी और न्यू बजेटी वार्ड में लगभग 1.98 करोड़ रुपये की लागत से 1135 मीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जानी थी। विवेकानंद कॉलोनी और खड़कोट वार्ड में लगभग 1.98 करोड़ की लागत से 1028 मीटर, कुमौड़ वार्ड में लगभग 1.97 करोड़ की लागत से 1315 मीटर लंबी सीवर लाइन का निर्माण होना था। वर्तमान में नगर में ऐंचोली स्थित 5 एमएलडी और निराड़ा स्थित 1.25 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित हैं। इसमें लगभग 49 किलोमीटर सीवर नेटवर्क के माध्यम से नगर के 3,364 परिवारों को सीवर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
यह है योजना
पिथौरागढ़ के कई वार्डों को सीवर लाइन से जोड़ा जाना है। राज्य सेक्टर शहरी कार्यक्रम के अंतर्गत करीब छह करोड़ रुपये की तीन विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी पिछले साल मिल चुकी है। इन योजनाओं से नगर के बजेटी वार्ड, न्यू बजेटी वार्ड, विवेकानंद कॉलोनी, खड़कोट और कुमौड़ वार्ड के 333 परिवारों को सीवर लाइन नेटवर्क से जुडेंगे।
कोट-
नगर के अन्य क्षेत्रों में 5.95 करोड़ लागत से प्रस्तावित तीन शाखा सीवर लाइन परियोजनाओं का खाका तैयार किया गया है। पेयजल निगम इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन एक वर्ष के भीतर करेगा। -पीयूष डिमरी, सहायक अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निगम
बेहतर सीवरेज प्रबंधन से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में मदद मिलेगी और भविष्य की जनसंख्या जरूरतों के मद्देनजर संरचना को मजबूत किया जा सकेगा। अधिकारियों को परियोजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखने और कार्यों की नियमित निगरानी कर गुणवत्ता तथा समयबद्धता का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। - आशीष भटगाईं, जिलाधिकारी