टायरों और पार्ट्स के अभाव में पिथौरागढ़ वर्कशॉप में खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में आवाजाही का सुगम साधन रोडवेज बसों की हालत खस्ताहाल है। टायरों और स्पेयर पार्ट्स के अभाव में रोडवेज की सात बसें एक महीने बाद भी वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल सकीं हैं। बसें वर्कशॉप में खड़ीं हैं और सड़कों पर इनकी कमी से यात्रियों को अधिक किराया देकर टैक्सी में सफर करना पड़ रहा है।
करीब एक महीने पूर्व टायरों और स्पेयर पार्ट्स के अभाव में 20 बसें खड़ीं हो गईं। बगैर टायरों के आठ तो खराबी दूर करने के लिए स्पेयर पार्ट्स न मिलने से 12 बसों का संचालन रुक गया। बमुश्किल कुछ टायर और स्पेयर पार्ट्स मिलने से 13 बसों का संचालन शुरू हो सका। हैरानी है कि एक महीने बाद भी डिपो को पर्याप्त टायर और स्पेयर पार्ट्स न मिलने से अब भी सात बसें वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल सकीं हैं। ऐसे में डिपो को टनकपुर, देहरादून, हल्द्वानी रूट पर सीमित बसों का संचालन करना पड़ रहा है इसकी मार यात्री सह रहे हैं। बसों की कमी के चलते यात्रियों को टैक्सी के सहारे सफर करना पड़ रहा है। अब भी डिपो अब भी 15 बसों को पुराने टायरों के सहारे दौड़ा रहा है। ऐसे में साफ है कि यदि नए टायर नहीं मिले तो अन्य बसें भी वर्कशाप में खड़ी हो जाएंगी।
कर्मचारियों की कमी से लड़खड़ा रही हैं व्यवस्थाएं
डिपो सूत्रों के मुताबिक टायरों पर रबड़ चढ़ाने वाले प्लांटों में कर्मचारियों की कमी है इससे व्यवस्थाएं लड़खड़ा गई हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष का अंतिम सप्ताह होने के चलते कई कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं, जिससे टायरों में रबर नहीं चढ़ पा रही है। इसका सीधा असर बसों के संचालन पर पड़ रहा है। संवाद
कोट
टायरों और स्पेयर पार्ट्स की मांग भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही टायर और स्पेयर पार्ट्स मिलेंगे। निगम यात्रियों की संख्या के अनुसार सभी रूटों पर पर्याप्त बसों का संचालन कर रहा है। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़ डिपो