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सत्र शुरू : छात्र-छात्राओं को इस बार भी समय से नहीं मिल पाईं पुस्तकें

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पिथौरागढ़। सरकार की ओर से सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें दी जाती हैं। नए शिक्षा सत्र 2025-26 में अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के दिशा निर्देश जारी हो चुके हैं, लेकिन सिस्टम की ढिलाई के चलते इस बार भी जिले के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं बिना किताबों के स्कूल पहुंच रहे हैं।
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जिले में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के लगभग 48,806 छात्र-छात्राओं के लिए 2,08,915 किताबों की मांग की गई है। नियमानुसार एक अप्रैल शुरू होने से पहले इन सभी छात्र-छात्राओं तक मुफ्त पाठ्य पुस्तकें पहुंच जानी चाहिए, लेकिन हर साल की तरह इस साल भी छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय की किताबें नहीं मिल पाई हैं।
विभाग के बुक बैंक में किताबों के पहुंचने में कितने दिन का और समय लगेगा, किसी को नहीं मालूम। बुक बैंक को किताबें मिलने के बाद उन्हें संकुल प्रभारी के अधीन किया जाएगा। उनके माध्यम से ही संबंधित क्षेत्र के विद्यालयों को किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। उसके बाद ही छात्र-छात्राओं को किताबों का वितरण हो पाएगा।
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बच्चों की पढ़ाई होगी प्रभावित

पिथौरागढ़। नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले विभाग के पास छात्रों तक पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय रहता है लेकिन अभी तक विद्यालयों को किताबें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इसका खामियाजा विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों के साथ ही स्कूल की अगली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा। संवाद
कोट
किताबों की डिमांड की गई है। उपलब्ध होते ही विद्यालयों तक पहुंचा दी जाएंगी। अस्थायी व्यवस्था के तौर पर विद्यालयों में लाइब्रेरी बनाई गई हैं। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राओं की पुरानी किताबों को लाइब्रेरी में जमा कर दिया जाता है, जिन्हें व्यवस्था के तौर पर नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों को दिया जाता है। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़
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