पैराग्लाइडिंग के नए स्थान का चयन करते पायलट
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यहां के कुछ नौजवानों ने पैराग्लाइडिंग के लिए नए स्थान का चयन किया है। इस नए स्थान से बाकायदा ट्रायल भी किया गया और ट्रायल सफल रहा। अब भविष्य में चंडाक से पपदेव तक आसानी से पैराग्लाइडिंग की जा सकेगी। अब तक पैराग्लाइडिंग के सारे प्रशिक्षण सेना के गोल्फ मैदान और सौरलेख की पहाड़ी से ही होते आए हैं।
पैराग्लाइडिंग के वरिष्ठ पायलट संजय पुनेड़ा ने बताया कि पैराग्लाइडिंग के व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू करने के लिए स्थान चयन की कोशिश काफी दिनों से की जा रही थी। चंडाक में मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास उपयुक्त स्थान मिला है। दस वर्ष पहले तक चंडाक कस्बे के पास की पहाड़ी से भी पैराग्लाइडिंग की जाती थी, लेकिन धौलीगंगा परियोजना की बिजली लाइन आने के कारण यह स्थान अब सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके विकल्प के तौर पर चंडाक में ही मैग्नेसाइट फैक्ट्री के पास के स्थान का चयन किया गया है।
इस स्थान से पपदेव तक आसानी से उड़ान भरी जा सकती है। पुनेड़ा के साथ गए पायलट संजय राज, सेंडी मर्तोलिया और तिलक पंत ने पपदेव तक उड़ान भरकर इसका परीक्षण कर लिया है। पुनेड़ा ने बताया कि जल्द ही पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा और स्थानीय युवाओं को उसमें वरीयता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के नजदीक के इस स्थान से पैराग्लाइडिंग कराने पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले उन्होंने चंपावत में भी स्थान चयन के लिए सर्वे किया था।