पिथौरागढ़। धारचूला तहसील के दारमा घाटी का सेला गांव पहली बार यूपीसीएल की बिजली से रोशन हो गया है। गांव में अभी एक घर जगमग हुआ है। शीघ्र ही सभी परिवारों को बिजली के संयोजन दे दिए जाएंगे। अगले साल तक घाटी के 12 से अधिक गांवों तक बिजली पहुंच जाएगी।
सेला में पूर्व में उरेडा की बिजली थी लेकिन तीन साल पूर्व आपदा में यह बह गई। तब से ग्रामीण बिना बिजली के रहने के लिए विवश थे। बांगलिंग से सेला के बीच उरेडा की लाइन क्षतिग्रस्त थी। इसे पिछले वर्ष यूपीसीएल को हस्तांतरित किया था।
यूपीसीएल ने 11 किमी में से सात किमी लाइन की मरम्मत करते हुए ग्रिड से जोड़कर सेला गांव में विद्युत आपूर्ति चालू कर दी है। वहां पर रह रहे एक परिवार को कनेक्शन दे दिया गया है। ग्रिड की बिजली गांव तक पहुंचने से ग्रामीण खुश हैं।
इस मौके पर यूपीसीएल के उपखंड अधिकारी अनुज कुमार त्रिपाठी, अवर अभियंता जितेंद्र भट्ट, सुपरवाइजर पवन सिंह, लाइनमैन सुखदेव सिंह आदि मौजूद रहे। यूपीसीएल के उपखंड अधिकारी त्रिपाठी ने बताया कि शेष करीब 40 परिवारों को भी विद्युत संयोजन लेने के बाद आपूर्ति की जाएगी।
वाइब्रेंट विलेज योजना में बिजली से जुड़ेंगे गांव
पिथौरागढ़। दारमा घाटी के सेला से आगे के गांव नागलिंग, बालिंग, दुग्तू, दांतू, सौन, फिलम, गौ, ढाकर, तिदांग समेत आईटीबीपी की अग्रिम चेक पोस्ट को भी अगले साल वाइब्रेंट विलेज के तहत बिजली आपूर्ति से जोड़ने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इन गांवों को यूपीसीएल की बिजली से जोड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है। ठंड का सीजन समाप्त होने के बाद विद्युत विभाग गांवों में लाइन बिछाने का कार्य शुरू करेगा।