पिथौरागढ़। जिले में ईंधन संकट के बीच उपजे हालातों को काबू करने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने पड़े हैं। अब पेट्रोल पंपों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में ईंधन का वितरण होगा।
दरअसल, जिले खासकर नगर में ईंधन के लिए मारामारी हो रही है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन भराने के लिए वाहनों की भीड़ उमड़ रही है जिससे सड़कों पर जाम लग रहा है। ईंधन की कीमत बढ़ने की आशंका के चलते लोग वाहनों की टंकी फुल कराने के साथ इसका भंडारण भी करने लगे हैं। ऐसे में पेट्रोल पंपों पर आए दिन ईंधन खत्म हो रहा है। इन हालात से निपटने के लिए अब सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त करने पड़े हैं।
डीएम आशीष कुमार भटगाईं ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट पेट्रोल पंपों पर ईंधन वितरण पर निगरानी रखेंगे। वाहन चालकों को बोतल या जार में ईंधन नहीं दिया जाएगा। यदि कोई भी ईंधन का भंडारण करते मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जिले में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है। लोगों को भी धैर्य रखते हुए सहयोग करना होगा। उन्होंने सभी एसडीएम और पूर्ति विभाग को ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
एक किसान को मिलेगा पांच लीटर ईंधन
जिले में अधिकांश किसान पावर टिलर के सहारे बुआई करते हैं। ईंधन संकट के बीच प्रशासन और कृषि विभाग उन्हें राहत पहुंचाई है। मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि हर किसान को जार में पांच लीटर ईंधन मिलेगा। इसके लिए उसे अपने क्षेत्र के सहायक कृषि अधिकारी से अपने किसान होने और पावर टिलर होने का प्रमाण पत्र बनवाना होगा। इसके जरिए किसी भी पंप से वह ईंधन प्राप्त कर सकता है। सहायक कृषि अधिकारी और संबंधित पंप संचालक को हर किसान का रिकार्ड दर्ज करना आवश्यक है। हर किसान को सिर्फ एक बार ईंधन मिलेगा।