धारचूला (पिथौरागढ़)। जौलजीबी के पास महाकाली में बही बुलेरो और उसमें सवार पांच लोगों के बारे में बुधवार को कोई जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस, एसडीआरएफ की टीम के साथ साथ आज कुमाऊं मंडल विकास निगम के रिवर गाइड भी रेस्क्यू अभियान में जुट गए हैं। केएमवीएन ने एक राफ्ट और एक कयाक को महाकाली में उतारा है। बुधवार को अपराह्न चार बजे मौसम खराब होने और महाकाली का जलस्तर बढ़ने से खोजबीन का अभियान रोक दिया गया।
खोजबीन के काम की देखरेख कर रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी हिमांशु साह ने बताया कि आज नदी में करीब 20 फीट की गहराई से जीप की छत में रखा जाने वाला कैरियर मिला है। इसके अलावा कोई सामग्री हाथ नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि महाकाली में आज करीब पांच किलोमीटर की दूरी तक सर्च अभियान चलाया गया। एसडीआरएफ के जवानों के साथ साथ पुलिस की टीम भी सर्च अभियान में जुटी है। आज केएमवीएन के रिवर गाइड भूपेंद्र सिंह, अजय धामी, विनोद धामी, हरीश जोशी राफ्ट के साथ जौलजीबी में पहुंच गए। केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर यह टीम भेजी गई है।
अभी तक महाकाली में बहे लोगों का पता न लगने से उनके परिजनों की बेचैनी बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही महाकाली के किनारे एकत्र हो रहे हैं। यहां बता दें कि 28 मार्च को पिथौरागढ़ से धारचूला को जा रही जीप जौलजीबी के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर महाकाली में जा गिरी थी। इस घटना में एक शव बरामद हुआ। जीप में सवार ड्राइवर समेत पांच लोग महाकाली में बह गए। इधर, पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने कहा है कि अभी खोजबीन का काम जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि महाकाली का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस कारण खोजबीन में बाधा पहुंच रही है।
धारचूला। महाकाली में बहे लोगों की खोजबीन में संसाधनों की कमी साफ नजर आ रही है। राफ्ट के जरिए लोगों की खोजबीन करना बहुत कठिन होता है। राफ्ट नदी की सतह पर चलता है जबकि वाहन और लोगों के नदी के तल में डूब जाने की आशंका है। अभी गोताखोरों की मदद नहीं ली गई है। स्थानीय लोगों और बहे लोगों के रिश्तेदारों की मांग है कि बाहर से गोताखोर बुलाए जाएं।