किरोड़ा रोखड़ के निरीक्षण के दौरान एसडीएम के समक्ष अपना पक्ष रखते ग्रामीण।
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एसडीएम दयानंद सरस्वती ने वन, सिचाई और राजस्व विभाग की टीम के साथ आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान थ्वालखेड़ा और नायकगोठ के बीच किरोड़ा रोखड़ को रिवर ट्रेनिंग योजना के तहत चैनलाइज करने का मुद्दा उठने पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले किरोड़ा के अप स्ट्रीम आरक्षित वन क्षेत्र में नाले को चैनलाइज किया जाए, वरना थ्वालखेड़ा, नायकगोठ के बीच चैनलाइज करने का कोई फायदा नहीं है।
जिलाधिकारी रणवीर सिंह चौहान के आदेश पर आपदा संभावित शारदा घाट एवं किरोड़ा रोखड़ का निरीक्षण किया गया। किरोड़ा के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बाढ़ और कटाव से बचाव के लिए थ्वालखेड़ा-नायकगोठ के बीच नाले को चैनलाइज करने की जरूरत बताते हुए ग्रामीणों से आपसी सहमती बनाने को कहा।
पूर्व ग्राम प्रधान जीत सिंह, कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश राम, थ्वालखेड़ा प्रधान सुंदर सिंह बोहरा आदि लोगों का कहना था कि थ्वालखेड़ा-नायकगोठ के बीच नाले को चैनलाइज करने से पूर्व नाले के अप स्ट्रीम में आरक्षित वन क्षेत्र में नाले को चैनलाइज किया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ डाउन स्ट्रीम के राजस्व क्षेत्र में चैनलाइज कर आपदा से बचाव में फायदा नहीं होगा।
एसडीएम ने कहा कि इसके लिए ग्रामीण सहमत होते हैं तो ठीक नहीं तो उसी के अनुरूप रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार खुशबू पांडेय, शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी महेश सिंह बिष्ट, डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत, सिंचाई विभाग के एसडीओ डीसी कांडपाल आदि मौजूद थे।