बनबसा (चंपावत)। दस साल के बच्चे को घर वालों की डांट बर्दाश्त नहीं हुई। वह ट्रेन में बैठा और टनकपुर पहुंच गया। यहां उसे पुलिस ने भटकते हुए पकड़ा तो उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र भेज दिया गया। जहां से घर वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
टनकपुर में रेलवे पुलिस ने 18 जुलाई को एक बच्चे को लावारिस घूमते देखा। पूछताछ करने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन को अवगत कराया गया। बाल कल्याण समिति के सदस्य बच्चे को बनबसा उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र ले आए। केंद्र के कार्यकर्ताओं ने किशोर से पूछताछ की। उसने पीलीभीत अपने घर से नाराज होकर ट्रेन से टनकपुर पहुंचने की बात कही। उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उसके परिजनों का पता लगाकर उन्हें दूरभाष से इसकी सूचना दी। बृहस्पतिवार को बनबसा उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र पहुंचे। उन्होंने इसके लिए जिला बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्प लाइन और पुलिस का आभार जताया। इस मौके जिला बाल कल्याण समिति सदस्य मनोज तिवारी, आनंदी अधिकारी, चाइल्ड हेल्प लाइन के प्रकाश चंद्र, मीरा रावत, उज्ज्वला पुनर्वास केंद्र की विनीता रजवार, सरोज चंद, भावना चंद, संस्था कोषाध्यक्ष जनक चंद आदि मौजूद थे।