झूलापुल निर्माण की मांग को लेकर थल में प्रदर्शन करते स्कूली बच्चे
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अस्याली गांव के बच्चों और ग्रामीणों ने झूलापूल बनाने की मांग को लेकर लोनिवि डीडीहाट के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश चंद्र रजवार के नेतृत्व में थल में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने लोनिवि पर क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया।
सुरेश का कहना है कि अस्याली गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए झूलापुल का लोनिवि डीडीहाट द्वारा निर्माण कराया जाना है। झूलापुल के लिए पांच माह पूर्व टेंडर भी हो चुके है, मगर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। इस कारण ग्रामीणों को तीन किमी लंबे रास्ते से मोटर मार्ग तक पहुंचना पड़ता है। रास्ता ऐसा है कि पैर फिसला तो सीधे नदी में गिरने का खतरा है। जंगली जानवरों का भी भय बना रहता है।
स्कूली बच्चों का कहना है कि थल जाने में अधिक समय लग जाता है, इस कारण पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती है। वह इसी रास्ते का उपयोग कर थल में पढ़ने जाते है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र ही झूलापुल नहीं बनाया गया तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में राजेंद्र चंद, ललित चंद, मनोज चंद, मोहित सामंत, रिया चंद, प्रीति चंद, रेनू, सपना सामंत आदि ग्रामीण थे।
फिर बनेगा अस्थायी पुल
अस्याली गांव के ग्रामीण हर साल अक्तूबर में आवाजाही के लिए आपसी सहयोग से लकड़ी का 70 मीटर लंबा कच्चा पुल बनाते हैं। इस कच्चे पुल को बनाने में 30 हजार रुपए का खर्च आता है। ग्रामीणों को इस बात की खुशी थी कि इस बार स्थायी झूलापुल बन जाएगा और उन्हें लकड़ी का पुल नहीं बनाना पड़ेगा, मगर पांच माह बीतने के बाद भी झूलापुल का निर्माण न होने से ग्रामीण मायूस हैं। कहा कि यदि पुल नहीं बना तो 20 अक्तूबर से अस्थायी लकड़ी का पुल आपसी सहयोग से ही बनाया जाएगा।