हिमालय दिवस पर बुधवार को जिले में विभिन्न कार्यक्रम हुए। हिमालय को संकट में बताते हुए कहा गया कि इसे बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। वर्ष 2013 में केदारनाथ और बदरीनाथ में आई आपदा को हिमालय के संकट से जोड़ा गया। अब भी लगातार प्राकृतिक असंतुलन हो रहे हैं। मौसम चक्र में बदलाव आ रहा है।
जिला मुख्यालय में स्कूली बच्चों ने रैली निकाली। मंडप स्कूल के बच्चों ने नगर में रैली निकालकर लोगों से हिमालय के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।
कार्यक्रम में डीईओ शौकत अली, जिला समन्वयक चंद्रशेखर मखोलिया, प्रधानाध्यापक संतोष जोशी, राजेश्वरी पांडे, निर्मल भट्ट, चंद्रशेखर पंत, भुवन पांडे, बसंती जरमाल आदि थे। देवसिंह राजकीय इंटर कालेज के बच्चों ने भी रैली निकाली। प्रधानाचार्य डा. अशोक पंत ने जैव विविधता और जल के महत्व पर प्रकाश डाला। रैली में निर्मला सामंत, भुवन उप्रेती, मंजू धौनी, गीता कोहली, अशोक मेहता, एमपी सिंह थे। मानस एकेडमी में सुनीता रावत, बृजेश पांडे, प्रकाश चंद, ललित महर, विनोद जोशी, विजेंद्र पटियाल, विमल जोशी, कमल पाठक, भुवन ऐरी, बृजमोहन अवस्थी ने हिमालय को देश का मस्तक बताया। हिमालय अध्ययन केंद्र के निदेशक डा. दिनेश जोशी ने हिमालय को बचाने के लिए और ज्यादा जागरूकता की जरूरत बताई।
मुनस्यारी ब्लॉक संसाधन केंद्र में हुई गोष्ठी में हिमालय बचाने की शपथ ली गई। इस मौके पर पूर्व मुख्य सचिव डा. आरएस टोलिया, उपशिक्षा अधिकारी भानुप्रताप सिंह, चंद्र सिंह बृजवाल, भीम राम, भुवन लोहनी, विमला रावत, आनंद पांडे आदि थे।