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Pithoragarh News: कुमाऊंनी शैली में संजोई जाएगी सतगढ़ की जसुली देवी शौक्याणी धर्मशाला

Tue, 01 Aug 2023 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। महान दानवीरा जसुली देवी शौक्याणी के कैलाश मानसरोवर यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए बनाई गई धर्मशाला को धरोहर के रूप में संजोया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से धर्मशाला का जीर्णोद्धार कार्य शुरू कर दिया गया है। यह ऐतिहासिक धर्मशाला जीर्णशीर्ण हो गई थी। इसे कुमाऊंनी शैली में ही बनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी पर्यटकों को भी दी जाएगी। धर्मशाला के जीर्णशीर्ण होने की खबर अमर उजाला ने कई बार प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद इसके जीर्णोद्धार के लिए जिला योजना से धन स्वीकृत किया गया था।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र के दांतू गांव निवासी महान दानवीरा जसूली देवी शौक्याणी ने कैलाश मानसरोवर यात्री, माइग्रेशन पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों के अलावा पैदल आवाजाही करने वाले लोगों के लिए अल्मोड़ा, चंपावत सहित कई स्थानों पर धर्मशालाओं का निर्माण किया था। 1960 के दशक तक कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री और व्यापारी इन धर्मशालाओं में ठहरते थे।
इसके बाद क्षेत्र में सड़क बन जाने से इन धर्मशालाओं का उपयोग बंद हो गया। देखरेख के अभाव में कई धर्मशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ऐतिहासिक धरोहर के जीर्णशीर्ण होने की बात को अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किया था। सीडीओ वरुण चौधरी और पूर्व जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट के प्रयासों के बाद जिला योजना में इसके लिए 33.71 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
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जगदीश कापड़ी नियमित करते थे देखरेख
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच के सतगढ़ गांव स्थित ऐतिहासिक धर्मशाला की देखरेख सतगढ़ गांव निवासी जगदीश कापड़ी करते थे। उन्होंने धर्मशाला परिसर में फूल, फलदार पौधों का रोपण भी किया है। इसकी छत और दीवारों में उगी झाड़ियों को भी वह समय-समय पर साफ करते थे। ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्धार शुरू होने पर उन्होंने खुशी प्रकट की है। संवाद
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