फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिथौरागढ़ में जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता शुरू

Tue, 22 Sep 2015 06:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संस्कृत नाटक, नृत्य, समूहगान पेश कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीनियर और जूनियर वर्ग में संस्कृत पर आधारित कुल छह प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिता बुधवार को भी जारी रहेगी।
विज्ञापन


गंगोलीहाट के विधायक नारायण राम आर्य ने प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा मातृवत हमारे संस्कारों से जुड़ी है। इसके अध्ययन से ज्ञान के साथ साथ वाणी में पवित्रता आती है। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने कहा कि सबसे ज्यादा ज्ञान का भंडार संस्कृत में छिपा है। भारत की आत्मा को जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान जरूरी है। कार्यक्रम के जिला संयोजक डा. कैलाश चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृत सबसे सरल और सरस भाषा है। उत्तराखंड सरकार ने इसे द्वितीय राजभाषा के रूप में मान्यता दी है। यह भाषा अब आम लोगों से जुड़ने लगी है। आज आठों विकासखंडों के प्रथम और द्वितीय स्थान पाने प्रतिभागियों ने संस्कृत पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों ने संस्कृत नाटक, नृत्य, समूहगान, वाद विवाद, आशुभाषण और श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। जिला स्तर पर स्थान पाने वाले अब राज्य स्तर की प्रतियोगिता में शामिल होंगे। परिणाम बुधवार को घोषित होंगे। संचालन में जिला सह संयोजक डा. राजेंद्र पाठक ने सहयोग दिया। निर्णायक मंडल में विष्णु दत्त जोशी, डा. गीता पंत, दीपिका कोठारी, राजशंकर जोशी, भास्करानंद पाठक, गोकेश पंत, डा. पीतांबर अवस्थी, भुवन चंद्र धारियाल, पीतांबर जोशी शामिल हैं। एलडब्लूएस कन्या इंटर कालेज भाटकोट में हुई प्रतियोगिता में प्रधानाचार्य अमिता मल्ल ने सभी लोगों का स्वागत किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें