दिवंगत जवान गणेश रावत का फाइल फोटो।
- फोटो : PITHORAGARH
मुनस्यारी के जैंती गांव निवासी एयरफोर्स के जवान गणेश रावत की शुक्रवार को भदेली स्थित घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। गणेश की वाड़मेर में एक बस हादसे में मौत हो गई थी।
गणेश रावत पुत्र गोविंद सिंह रावत एयर फोर्स में राजस्थान में तैनात थे। 21 अगस्त को एयर फोर्स के अन्य जवानों के साथ रडार लगाने के लिए वह बस में बाड़मेर जा रहे थे। रास्ते में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और हादसे में गणेश की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गणेश के पार्थिव शरीर को मुनस्यारी हेलीपैड पर लाया गया। यहां एयरफोर्स के जवानों ने उनते पार्थिव शरीर को सलामी दी। इसके बाद पार्थिव शरीर जैंती गांव ले जाया गया।
गणेश के पिता गोविंद सिंह रावत आईटीबीपी में सब इंस्पेक्टर हैं। वह कानपुर में तैनात हैं। हादसे की सूचना मिलने पर गणेश के पिता बृहस्पतिवार रात घर पहुंच गए थे। गणेश की एक बहन है, जिसका विवाह हो चुका है। गणेश अविवाहित थे। भदेली स्थित श्मशान घाट पर गणेश का अंतिम संस्कार किया गया। एयर फोर्स के जवानों ने गणेश के पिता गोविंद सिंह रावत को भारतीय ध्वज तिरंगा भेंट किया। गणेश की मौसी भगवती रावत ने पार्थिव शरीर को मुनस्यारी से घर तक कंधा दिया।
सितंबर में घर आने वाला था गणेश
दिवंगत जवान गणेश जून में अपने मित्र राजू रावत के विवाह में शामिल होने गांव आए थे। उनको सितंबर में होने वाले उल्का देवी मंदिर मेले में शामिल होना था। गणेश की असमय मौत से उनके साथी विनोद पांगती, राजू पांगती, नरेंद्र कोरंगा आदि बेहद दुखी हैं।