पिथौरागढ़। सीडीओ डॉ. दीपक सैनी प्रोजेक्ट-21 के तहत सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और तिब्बत (चीन) की सीमा से जुड़े छह अंतरराष्ट्रीय दर्रों की साहसिक यात्रा पूरी कर लौट आए हैं। अब तक कुल 16 दर्रों की चढ़ाई सफलतापूर्वक पार कर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है।
यात्रा पूरी कर लौटे सीडीओ डॉ. सैनी ने बताया कि प्रोजेक्ट-21 प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग की तरफ से संचालित किया गया है। वाइब्रेंट विलेजों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देकर यहां के ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से जानना, अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में नए पर्यटक स्थलों को तलाशना इसका उद्देश्य है। बताया कि वर्ष 2023 में प्रोजेक्ट की शुरुआत में उन्होंने 10 दर्रों को पार किया। दूसरे चरण की शुरुआत 24 अगस्त को पिथौरागढ़ जिले में हुई।
उन्होंने बताया कि 25 दिनों की इस साहसिक यात्रा में उन्होंने पिथौरागढ़ और तिब्बत सीमा से जुड़े जौहार, दारमा और व्यास घाटियों के साथ ही अन्य स्थानों पर स्थित 6 दर्रों की चढ़ाई की। अधिकांश दर्रों की ऊंचाई 5500 मीटर से अधिक है। बताया कि इस दौरान उन्होंने 250 किमी की साहसिक यात्रा पूरी की।
इन दर्रों को किया पार
किंगरी-बिंगरी, ऊंटा धुरा पास, जैयंती धुरा, लंपिया धुरा, मंगसाधुरा, नूवे धुरा, लूवे धुरा।
सड़क बनने से चारधाम यात्रा होगी आसान
सीडोओ डॉ. सैनी ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सड़क निर्माण का कार्य ल रहा है। लगथल से टोपी धुरा के लिए सड़क बनाई जा रही है। इस सड़क के बनने से पिथौरागढ़ जनपद सीधे गढ़वाल से जुड़ जाएगा। लोग किंगरी-बिंगरी मार्ग से होकर लोग चमोली जनपद के बदरीनाथ धाम के साथ ही गढ़वाल के अन्य धामों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।
परी ताल को बनाया जाएगा पर्यटक स्थल
सीडोओ ने बताया कि ऊंटा धूरा में परी ताल बेहद खूबसूरत स्थल है। करीब 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस ताल की लंबाई करीब एक किमी है। इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। छोटे-छोटे पर्यटक दलों को इनर लाइन परमिट जारी कर क्षेत्र के पर्यटक स्थलों पर भेजा जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोगों को पर्यटन कारोबार से जोड़ा जा सकता है।
ब्रिटिशकालीन 11 दर्रों की रिकॉर्ड तोड़ा
सीडीओ डॉ. दीपक सैनी ने बताया कि अब तक सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय दर्रों को पार करने का रिकॉर्ड लांग स्टाफ का रहा है। वर्ष 1905 में ब्रिटिश काल के दौरान लांग स्टाफ ने 11 अंतरराष्ट्रीय दर्रों की चढ़ाई पूरी की थी। उन्होने बताया कि वह अब तक 16 अंतरराष्ट्रीय दर्रों पर सफलतापूर्वक चढ़ चुके हैं। उन्होंने इस मिशन में सहयोग के लिए डीएम विनोद गोस्वामी, भारतीय सेना की 119 ब्रिगेड के कमांडर गौतम पठानियां और आईटीबीपी का आभार जताया है।