पिथौरागढ़। थरकोट झील में डूबे 19 वर्षीय सागर के शव को 16 घंटे बाद एसडीआरएफ के गोताखोरों ने ढूंढ निकाला। सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते लोगों ने शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की।
इग्यारदवी के पलेत गांव निवासी 19 वर्षीय सागर जोशी पुत्र नंदाबल्लभ जोशी रविवार को झील में नहाने के दौरान डूब गया था। पुलिस और एसडीआरएफ को शव निकालने में सफलता नहीं मिलने पर टनकपुर से गोताखोर बुलाए गए थे। गोताखोरों ने सोमवार सुबह झील की गहराई में डूबे सागर का शव निकाला। टीम में एसडीआरएफ के कांस्टेबल अजय बोहरा सहित अन्य गोताखोर शामिल रहे।
जब पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने लगी तो पलेता के नाराज लोगों ने हंगामा कर दिया। राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट, जाग उठा पहाड़ के गोपू महर और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत पाठक सहित अन्य लोगों ने मौत के लिए विभाग और ठेकेदार को ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया।
नियमानुसार कार्रवाई के आश्वासन पर माने
राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र भट्ट ने कहा कि विभाग इतनी बड़ी घटना के बाद भी संवेदनशील नहीं दिख रहा है। सागर के पिता बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। तहसीलदार पंकज चंदोला की उपस्थिति में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता प्रदीप बसेड़ा और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई। नियमानुसार कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए। इसके बाद मृत युवक का पोस्टमार्टम किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोमल मेहता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र बोहरा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संवाद
लोगों की मांग
-विभाग और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
-पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा दें
- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दें।
- इस तरह की घटना न हो इसके लिए सुरक्षा इंतजाम करें।
इनसेट
गोताखोरों की तैनाती की मांग
पिथौरागढ़। कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी भुवन पांडे ने एसडीआरएफ के गोताखोरों की एक टीम को जिला मुख्यालय में तैनात करने की मांग की है। उनका कहना है कि थरकोट झील से युवक के शव को निकालने के लिए टनकपुर से गोताखोर बुलाने पड़े। संवाद