घाट-पिथौरागढ़ सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ाें के ऊपर गिरा मलबा
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बारहमासी सड़क (ऑल वैदर रोड) बनाने के लिए बहुमूल्य पेड़ों की बलि तो चढ़ ही रही है, सड़क कटान के मलबे को भी निर्माण स्थल से नीचे फेंका जा रहा है। जिससे पेड़ों के साथ-साथ अन्य वनस्पतियां भी नष्ट हो रही हैं।
इन दिनों टनकपुर से पिथौरागढ़ तक बारहमासी सड़क बनाने का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए हजारों पेड़ों को तो काटा ही गया है। सड़क चौड़ीकरण से निकले मलबे से भी पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मलबे को डंपिंग स्थल पर न डालकर उसी स्थान से नीचे डाल दिया जा रहा है। एनएच के अभियंताओं की अनदेखी, ठेकेदार की मनमानी पर न तो वन विभाग का ध्यान जा रहा है, न प्रशासन की नजर इस पर पड़ रही है।
पिथौरागढ़-घाट सड़क में इस अंधेरगर्दी को साफ देखा जा सकता है। मीना बाजार के पास सड़क चौड़ीकरण से निकले मलबे से सैकड़ों पेड़ काट दिए गए हैं। यदि इस पर रोक नहीं लगी तो बाहरमासी के किनारे पेड़ देखना भी लोगों को नसीब नहीं होगा।
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कर्मचारियों को स्थल पर भेज कर मामले की जांच की जाएगी। आरक्षित वन क्षेत्र में मलबा डालने की बात साबित होने पर संबंधित विभाग, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
विनय भार्गव प्रभागीय वनाधिकारी पिथौरागढ़