पिथौरागढ़। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की बैठक में मुनस्यारी स्थित रुपसियाबगड़ सिरकारी भ्योल 120 मेगावाट परियोजना की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। भारत सरकार से अब इस परियोजना की स्वीकृति का इंतजार है।
निगम के अधिशासी अभियंता उमेश जोशी ने बताया कि 879.43 लाख रुपये की इस परियोजना में 40 मेगावाट की तीन टरबाइन लगाई जाएंगी। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 529.12 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होगा। मुनस्यारी के लीलम मार्ग पर सांईभाट से करीब पांच किमी आगे गोरी नदी से रन ऑफ द रिवर परियोजना बनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए 29 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। भूमि हस्तांतरण का मामला देहरादून में वन विभाग के नोडल अधिकारी के पास पहुंच गया है। निगम के उप महाप्रबंधक केएल मित्तल ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही परियोजना को भारत सरकार से स्वीकृति मिल जाएगी।
तांकुल परियोजना को मिली सैद्धांतिक स्वीकृति
पिथौरागढ़। धारचूला के तांकुल में जल विद्युत निगम की प्रस्तावित 12 मेगावाट की रन ऑफ दि रिवर परियोजना को भारत सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। अधिशासी अभियंता उमेश जोशी ने बताया कि इस परियोजना की लागत 11842.76 लाख रुपये है। यह परियोजना सिमखोला गाड़ में बनाई जाएगी।
परियोजना के लिए तीन किमी लंबी नहर बनाई जाएगी। इसमें कुल 9.37 हेक्टेयर भूमि आ रही है। परियोजना से प्रतिवर्ष 70.72 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादित होगी। परियोजना की विधिवत स्वीकृति की कार्यवाही चल रही है। तांकुल परियोजना चीन सीमा से लगे क्षेत्र में है। परियोजना क्षेत्र वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से एक किमी की परिधि में आने के चलते निर्माण कार्य में देरी हो रही है। यदि दोनों परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद सफल रही तो पिथौरागढ़ जिले के साथ ही इसका उपयोग प्रदेश में बिजली की कमी को दूर करने में किया जाएगा।