फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh: हरज्यू मंदिर में रुद्राक्ष के पेड़ों पर आए फूल देख भक्त खुश, शिव का आशीर्वाद मान रहे श्रद्धालु

Tue, 27 Aug 2024 11:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो दिनेश अवस्थी, संवाद

सार

Pithoragarh News: हरज्यू मंदिर परिसर में इन दिनों रुद्राक्ष का पेड़ खूबसूरत फूलों से लदा है। पेड़ की ऊंचाई करीब आठ फीट है। आम तौर पर इसके पेड़ों की लंबाई 50 से 150 फीट तक होती है। इसे हिमालय का पौधा भी कहा जाता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में भी अब रुद्राक्ष के पौधे होने लगे हैं। लोग इसके पौधे की मांग कर रहे हैं। नाचनी में जहां रुद्राक्ष के पेड़ आठ-नौ साल पहले फल देने लगे थे वहीं अब गंगोलीहाट के काफी ठंड वाले क्षेत्र में रुद्राक्ष का पेड़ खूबसूरत फूलों से आच्छादित है। इससे क्षेत्र के प्रकृति प्रेमी खुश हैं।

विज्ञापन


रुद्राक्ष का वानस्पतिक नाम इलियोकार्पस गेनिट्रस है। गंगोलीहाट के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि हाट गांव के मध्य हरज्यू मंदिर परिसर में इन दिनों रुद्राक्ष का पेड़ खूबसूरत फूलों से लदा है। बताया कि पेड़ की ऊंचाई करीब आठ फीट है। उनका कहना है कि आम तौर पर इसके पेड़ों की लंबाई 50 से 150 फीट तक होती है। इसे हिमालय का पौधा भी कहा जाता है।

ये पढ़ें- Utttarakhand: महिला अपराध में बढ़ोतरी को देखते हुए अधिकारियों ने लिया फैसला, ऐसे होगी बहन-बेटियों की सुरक्षा
विज्ञापन


बिष्ट ने बताया कि हाट गांव में जहां यह पेड़ लगा है उसकी ऊंचाई समुद्र तल से 1780 मीटर है। बताया कि यहां जाड़ों में बर्फबारी और अत्यधिक पाला भी पड़ता है। इसके बावजूद रुद्राक्ष का पेड़ बेहतर तरीके से फल फूल रहा है। उनका कहना है कि रुद्राक्ष का फूल बेहद खूबसूरत और मनभावन होता है। यह मधुमक्खियों का पसंदीदा फूल भी है।
विज्ञापन


धार्मिक महत्व है रुद्राक्ष का
पिथौरागढ़। रुद्राक्ष सदाबहार पेड़ों की श्रेणी में आता है। विश्व में इसकी 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। रुद्राक्ष के बारे में मान्यता है कि यह 108 मुखी तक होते हैं। प्राचीन काल से ही ऋषि मुनि इसे अपने गले में धारण करते रहे हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित भी करता है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें