पिथौरागढ़। जिले में 65 करोड़ रुपये की लागत से बना बेस अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। इसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे के साथ खोला गया था। तीन साल के संचालन के बाद भी यहां एक भी मरीज भर्ती नहीं किया गया है।
बेस अस्पताल में रोजाना सिर्फ 20 से 25 ओपीडी होती है। इसके विपरीत, जिला अस्पताल में 750 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जिला अस्पताल में क्षमता से 50 अधिक 170 मरीज भर्ती हैं। वहीं बेस अस्पताल के वार्ड वीरान पड़े हैं और नर्सिंग अधिकारी मरीजों का इंतजार कर रहे हैं।
जिला और महिला अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों की भारी कमी है। जिला, महिला और बेस अस्पताल तीनों मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित होते हैं। इसके बावजूद बेस अस्पताल का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।