मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पुल।
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उच्च हिमालयी क्षेत्र मल्ला जोहार में पैदल रास्ते और पुल ग्लेशियर आने के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। बरसात के सीजन में चीन सीमा में रहने वाले 12 गांवों के ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
भाजपा नेता जगत मर्तोलिया बुधवार को लोनिवि के अधीक्षण अभियंता वीएन पांडेय से मिले और उन्हें मल्ला जोहार क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल हिमालय क्षेत्र में रिकार्ड तोड़ बर्फ गिरी। हिम ग्लेशियरों के आने से पैदल रास्ते और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। लोक निर्माण विभाग के डीडीहाट डिविजन के पास इस क्षेत्र की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के युवाओं के दल ने लीलम से मिलम तक साठ किमी की कठिन पैदल यात्रा की।
उन्होंने बताया कि जगह-जगह रास्ते और पुल ध्वस्त हुए हैं। बिलजू, गोंखा, लास्पा, पांछू नदी पर बने पक्के पुल ग्लेशियर आने से चलने लायक नहीं बचे हैं। कहा कि नदी और गाड़-गधेरों में पानी बढ़ते ही पुल बह जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में पैदल रास्तों और पुलों की मरम्मत के लिए बजट जारी नहीं हुआ तो लोनिवि डीडीहाट कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा, सीसीएल मद में मिलने वाले बजट को एक ही सब डिविजन में खर्च करना गलत है।
कहा कि मुनस्यारी के दो सब डिविजन जो आपदा की मार झेल रहे हैं वहां एक रास्तों और पुलों की मरम्मत के लिए धन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि 2.70 करोड़ रुपये सीसीएल मद में लोनिवि डीडीहाट को मिले थे, लेकिन कुछ प्रभावशाली ठेकेदारों को एकमुश्त भुगतान कर दिया गया। इस संबंध में एसई पांडेय ने मामले की जांच कराए जाने का भरोसा दिलाया।