धारचूला (पिथौरागढ़)। आदि कैलाश क्षेत्र में शिव-पार्वती कुंड और मंदिर तक दो किलोमीटर मार्ग से बर्फ हटाने के बाद आवाजाही सुचारु हो गई है, जिससे यात्री कुंड और मंदिर के दर्शन कर पा रहे हैं। वहीं आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर कुटी से 14500 फुट की ऊंचाई पर स्थित ज्योलिंगकांग तक बीआरओ की टीम ने काफी हद तक बर्फ हटा दी है। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिल रही है।
बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रिफ के श्रमिक और अधिकारी पिछले एक सप्ताह से आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने के काम में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि माइनस दो डिग्री तापमान के बीच लगभग दो किलोमीटर मार्ग से बर्फ हटाने के फलस्वरूप यात्री शिव-पार्वती कुंड और मंदिर के दर्शन कर पा रहे हैं। वाहन स्वामी प्रकाश सिंह दुग्ताल ने बताया कि आदि कैलाश के दर्शन के लिए प्रतिदिन 500 से अधिक यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे तीन-चार दिन से वाहन दो-तीन घंटे जाम में फंस रहे थे, लेकिन बीते शनिवार को मार्ग से काफी बर्फ हटा दिए जाने से यात्रियों को अब राहत मिल रही है। वहीं आदि कैलाश यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से होम स्टे संचालकों के चेहरे खिले हुए हैं।
ओम पर्वत के दर्शन कर पा रहे यात्री, कैलाश पर्वत के नहीं
गुंजी से नाभीढांग सड़क सुचारु है, जिससे प्रतिदिन लगभग 500 यात्री ओम पर्वत के दर्शन कर रहे हैं। वहीं नाभीढांग से लिपुलेख तक 12 किलोमीटर लंबी सड़क बर्फबारी से बंद है। सड़क बंद होने से ओल्ड लिपुपास से यात्री तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। बीआरओ अधिकारियों ने तीन-चार दिन में लिपुलेख तक मार्ग सुचारु होने उम्मीद जताई है।
आदि कैलाश यात्रा के लिए तीन अक्टूबर की देर रात 1222 परमिट जारी हुए। एक से तीन अक्टूबर तक कुल 61950 परमिट जारी हो चुके हैं। आदि कैलाश में शिव-पार्वती कुंड तक भी मार्ग सुचारू कर दिया गया है।
-आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला