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रूपकुंड ट्रैकिंग से लौटा युवाओं का दल

Fri, 23 Sep 2016 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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रूपकुंड में पिथौरागढ़ के ट्रैकरों का दल - फोटो : अमर उजाला
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रूपकुंड से थोड़ा आगे 17300 फीट की ऊंचाई पर स्थित जौरागली तक का ट्रैकिंग अभियान पूरा करने के बाद शुक्रवार को 20 युवाओं का दल लौट आया है। दल को रास्ते पर आली बुग्याल और वेदिनी बुग्याल के खूबसूरत नजारे देखने को मिले। यह बात अलग है कि इस बार रूपकुंड में अभी ज्यादा बर्फ नहीं गिरी है। पिछले साल जब इसी महीने रूपकुंड की ट्रैकिंग हुई थी तब यह जगह बर्फ से ढंकी थी।
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दल का नेतृत्व कर रहे प्रसिद्ध पर्वतारोही अशोक भंडारी ने बताया कि यह ट्रैकिंग रूट सबसे सुंदर है, इसमें विस्तृत बुग्याल हैं। युवाओं को ट्रैकिंग की जानकारी देने और ट्रैकिंग का प्रोजेक्ट तैयार करने में यह अभियान मददगार साबित होगा। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को दल के सदस्यों ने पिथौरागढ़ से ग्वालदम, लोहाजंग, वाण, आली बुग्याल, वेदिनी बुग्याल, पातलनाचनी, भगुवावासा होते हुए रूपकुंड पहुंचा। रूपकुंड पहुंचने पर युवा इतने उत्साहित थे कि वह 17300 फीट की ऊंचाई तक जा पहुंचे। रास्ते में आवास की कोई व्यवस्था नहीं होती। हर जगह रात में टेंट लगाने पड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रकृति ने इस इलाके को बेहद खूबसूरती के साथ संवारा है। अभी वहां पर मानवीय दखल बहुत कम है। इसी कारण प्रकृति की सुंदरता बनी है। रूपकुंड जाने के लिए बेहतरीन ट्रैकिंग रूट है। उसमें भटकने का कोई सवाल नहीं उठता। यहां पहुंचने पर युवाओं को जोरदार स्वागत हुआ। ट्रैकिंग के दौरान के अनुभव सुनाए गए। पिथौरागढ़ के युवाओं का दल हर साल रूपकुंड ट्रैकिंग पर जाता रहता है। 2013 की आपदा के समय भी रूपकुंड की ट्रैकिंग जारी रखी गई थी।
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