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Pithoragarh News: खटारा बस चलाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा रोडवेज

Sat, 03 Feb 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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चंपावत और पिथौरागाढ़ जिले में परिवहन निगम के तीन डिपो में बस की कमी से यात्रियों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। परिवहन निगम अधिकांश मार्गों पर पर्वतीय रूट का मानक पूरी कर चुकीं बस का संचालन कर रहा है। पुरानी बस अक्सर आधे रास्ते में खराब हो जाती हैं। इसी महीने जनवरी में तीन बार लंबी दूरी की बस खराब हो गईं। इसमें चालक की सूझबूझ से हादसा बच गया लेकिन खटारा बस चलाने से यात्रियों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। प्रबंधन ने तीनों डिपो के लिए करीब 74 बस की डिमांड की है लेकिन अभी एक भी बस नहीं मिली है। पुरानी, खटारा और मियाद पूरी कर चुकीं बस से सफर लोगों की मजबूरी बनी है।
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लोहाघाट डिपो के बेड़े में की 22 बस कर चुकी हैं पर्वतीय रूट पर चलने के मानक
लोहाघाट (चंपावत)। एक ओर चंपावत जिले को प्रदेश का मॉडल जिला बनाने के तमाम प्रयास चल रहे हैं, दूसरी ओर रोडवेज के लोहाघाट डिपो का संचालन पुरानी बसों के भरोसे रह गया है। बेड़े में मात्र 10 बस ही थोड़ी बहुत अच्छी स्थिति में हैं। 32 बस के बेड़े में करीब 22 बस पर्वतीय क्षेत्र का मानक पूरा कर चुकी हैं। पुरानी बस रास्ते में ही खराब हो रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ रही है। बस की कमी का असर वर्तमान में प्रतिदिन दो से तीन दो रूटों में पड़ रहा है। रोडवेज के एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 32 बस हैं। अधिकांश बस अपनी पर्वतीय रूट चलने का सात लाख का मानक पूरा कर चुकी हैं। बस की कमी के चलते ग्रामीण रूटों पर बस का संचालन नहीं हो पा रहा है। नई बस मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में बस चलाने का प्रस्ताव है।
टनकपुर डिपो के पास सर्वाधिक 105 बस का बेड़ा
टनकपुर(चंपावत)। प्रदेश के प्रमुख उत्तराखंड परिवहन निगम के टनकपुर डिपो में 105 बस का बेड़ा है। जिसमें 85 बस निगम व 20 बसें अनुबंधित हैं। रोडवेज प्रशासन ने लंबी दूरी के लिए 20 बसों की डिमांड की है। डिपो में बसों की मरम्मत के लिए तकनीशियनों की कमी बनी हुई है। सहायक प्रबंधक नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि 40 कर्मियों की कमी है।
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सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि वर्तमान में टनकपुर डिपो के पास लोहाघाट डिपो की 32 बसों के मेंटीनेंस की भी जिम्मेदारी है। बेहतर मेंटीनेंस की व्यवस्था उपलब्ध है। लेकिन अधिक बसें होने के कारण समय पर मेंटीनेंस के लिए अधिक तकनीशियों की आवश्यकता है। डिपो में कुल स्टाफ 550 है। बस की संख्या को लेकर प्रदेश के सबसे बड़े डिपो में शामिल है। वर्तमान में लंबी दूरी में अमृतसर, मनाली समेत अनेक रूट पर कुल 20 बस की आवश्यकता है।
पिथौरागढ़ डिपो में बसों की भारी कमी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो बस की कमी से जूझ रहा है। गत वर्ष रोडवेज के पास 72 बस का बेड़ा होता था। वर्तमान में सिर्फ 58 बस ही हैं। एआरएफ रविशेखर कापड़ी का कहना है कि मार्च माह में डिपो को नई बसें मिलनी की उम्मीद है। बस मिलने के बाद मुवानी के लिए बस सेवा शुरू कर दी जाएगी। संवाद
तीन बार धोखा दे चुकी है लंबी दूरी की बस

चंपावत। रोडवेज डिपो की बस तीन बार लंबी दूरी पर चलते-चलते रुक गईं। परिवहन निगम की अधिकांश बस में सफर करने वाले कुमाऊं क्षेत्र के यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। निगम की अधिकांश बस पुराने और पहाड़ में चलने के मानक पूरे कर चुकी हैं। 17 जनवरी 2024 को देहरादून से आ रही लोहाघाट डिपो की बस खटकना पुल चंपावत के पास सुबह खराब हो गई थी। 30 जनवरी को दिल्ली से यात्रियों को लेकर आ रही पिथौरागढ़ डिपो की बस संख्या यूके 07पीए 4298 सुबह सात बजे लोहाघाट के देवराड़ी बैंड के पास खराब हो गई। दो फरवरी को देहरादून जा रही लोहाघाट डिपो की बस संख्या यूके 07पीए 2990 का स्वाला विश्राम गृह के पास स्टीरियंग फेल हो गया। चालक गोपाल दत्त भट्ट ने किसी तरह सूझबूझ दिखाकर बस रोकी और 30 यात्रियों की जान बचाई।
निगम प्रबंधन से मांगी हैं 40 नई बस
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के फोरमेन प्रकाश चंद्र बौठियाल ने बताया कि बेड़े में 10 बस करीब चार साल पुरानी हैं। निगम से 40 नई बस की मांग की गई है। पुरानी बस में काफी दिक्कतें आ रही हैं। पर्याप्त मात्रा में कुलपुर्जे भी नहीं मिल रहे हैं। बस में बड़ी खराबी आने पर क्षेत्रीय कार्यालय टनकपुर में मरम्मत कराई जाती है।
इन रूट पर चलती हैं बस
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट डिपो से प्रतिदिन नौ रूटों पर 15 बस का संचालन करने का रोस्टर है। जिसके तहत दिल्ली के लिए पांच, गुरुग्राम एक, देहरादून दो, बरेली दो, हल्द्वानी एक, पोंटा साहिब एक, नैनीताल एक, काशीपुर रूट पर एक बस का संचालन करने का रोस्टर है।
कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा रोडवेज कार्यशाला
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज कार्यशाला में कर्मचारियों की कमी के चलते कार्य संचालन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। वर्तमान में फोरमेन सहित आठ रैगुलर और नौ संविदा, आउटसोर्स, वाह्य एजेंसी कर्मियों से काम चलाया जा रहा है। करीब सात कर्मचारियों की कमी अभी भी बनी हुई है। जबकि रोडवेज में नियमित चालक 21, संविदा चालक 33, विशेष श्रेणी चालक 20 और एजेंसी चालक छह, नियमित परिचालक 15 संविदा परिचालक दो, विशेष श्रेणी परिचालक 59, एजेंसी परिचालक आठ तैनात हैं।
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मुवानी रामगंगा घाटी के लिए शुरू की जाए रोडवेज बस सेवा

मुवानी (पिथौरागढ़)। रामगंगा घाटी की बड़ी आबादी के लिए रोडवेज की बस सेवा नहीं है। लोगों को लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोग मजबूरी में टैक्सी बदल-बदलकर यात्रा करने को मजबूर है।



मुवानी रामगंगा घाटी के लोग लंबे समय से राडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश शासनकाल में रोडवेज की मुवानी- पिथौरागढ़ बस सेवा चलती थी। राज्य बनने के बाद यहां के लिए चलने वाली बस सेवा बंद कर दी गई। बस सेवा बंद होने के बाद लोगों को टनकपुर, खटीमा, दिल्ली जाने के लिए जिला मुख्यालय से बस पकड़नी पड़ रही है।

बोले लोग-

सरकार को सबसे पहले बुजुर्ग वर्ग की परेशानी देखते हुए रोडवेज बस सेवा शुरू करनी चाहिए। वाहन बदल-बदलकर यात्रा करने में काफी दिक्कत होती है।
कुंवर सिंह कार्की, वरिष्ठ नागरिक दिगरा मुवानी


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लंबी दूरी के यात्रियों को जिला मुख्यालय जाकर बस सेवा का लाभ लेना पड़ता है। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों की जनता की समस्या देखते हुए रामगंगा घाटी से रोडवेज बस सेवा शुरू करनी चाहिए।

-सुरेश चंद्र जोशी , गडेरा जोशी।


दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के लिए बस सेवा आरामदायक होती है । सरकार रोडवेज प्रबंधन नहीं कर पा रही तो कोई बात नहीं कम से कम केएमओयू सेवा तो शुरू करनी चाहिए।
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-देवेंद्र कुमार जोशी, व्यापारी मुवानी
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