रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शुक्रवार को विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 24 दिसंबर तक मांगें पूरी नहीं हुई तो 25 दिसंबर से बेमियादी धरना शुरू कर दिया जाएगा।
सहायक महाप्रबंधक कार्यालय के सामने धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि एकजुटता से ही मांगें पूरी होंगी। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ कई बार समझौता वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार मांगें पूरी नहीं कर रही है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को रोडवेज प्रबंधन को यह मामला गंभीरता से हल करना चाहिए। अन्यथा बसों का संचालन प्रभावित हो जाएगा।
इस दौरान संगठन के शाखा अध्यक्ष संजय महर, शाखा मंत्री पवन कुमार, क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहन भंडारी, सुरेश पांडे, नवीन चंद्र जोशी, चंद्र सिंह, जगदीश भट्ट, नेत्रबल्लभ पांडे आदि ने विचार रखे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की ये हैं मांगें
- राज्य कर्मचारियों की भांति सातवें वेतन आयोग का लाभ दें।
- वाह्यस्रोत कर्मचारियों को विभागीय संविदा एवं संविदा कर्मियों का नियमितीकरण और न्यूनतम मानदेय 18 हजार हो।
- मृतक, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का भुगतान, कर्मचारियों को वेतन के साथ अतिकाल एवं ऋण समिति का भुगतान माह की पहली तारीख को हो।
- कार्यालयों में तैनात कर्मियों को पदनाम एवं ग्रेड वेतन और एसीपी का लाभ दिया जाए।
- संगठनात्मक ढांचे का संगठन प्रतिनिधियों से वार्ता के बाद पुनर्गठन किया जाए।
- निगम द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजना का शासन में लंबित भुगतान 28 करोड़ और आपदा मद का 22 करोड़ रुपये का भुगतान कराया जाए।