पिथौरागढ़। परिवहन निगम का पिथौरागढ़ डिपो बसों की कमी से जूझ रहा है। पिछले 10 वर्षों में पिथौरागढ़ में 14 रूटों में बस सेवा बंद हो गई है जिस कारण यात्री महंगा सफर तय करने के लिए मजबूर हैं। बस सेवा के बंद होने से पिथौरागढ़ डिपो को भी नुकसान हो रहा है।
पिथौरागढ़ परिवहन निगम के पास 56 बसों का बेड़ा है जिसमें से 10 बसें ऑफरोड हो गई हैं। वर्ष 2019 के बाद परिवहन निगम को नई रोडवेज बसें नहीं मिल पाई है। इस कारण लगातार रूटों पर बस सेवा बंद होती जा रही है। पिथौरागढ़-भवाली, धारचूला-नैनीताल, पिथौरागढ़-पीपली-देवलथल, धारचूला-बरेली, जौरासी खटीमा, पिथौरागढ़-बांस, पिथौरागढ़-मुनस्यारी, मदकोट-मुनस्यारी-दिल्ली, नाचनी-टनकपुर, पिथौरागढ़-ग्वालदम-धारचूला, पिथौरागढ़ धरमघर, थल-दिल्ली और पिथौरागढ़-कानपुर सेवा बंद हो गई है।
इन रूटों पर रोडवेज सेवा बंद होने से लोग परेशान हैं। लोग मजबूरी में टैक्सियों में महंगा सफर तय करने को मजबूर हैं। लंबे समय से लोग इन रूटों पर दोबारा सेवा शुरू करने की मांग कर रहे हैं बसों की कमी के कारण परिवहन निगम इन रूटों पर सेवा शुरू नहीं कर पा रहा है।
वर्ष 2019 में मिली थीं 19 बसें
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ डिपो को वर्ष 2019 में 19 बसें मिली थीं। इसमें से पांच बसें बागेश्वर भेज दी गई थीं। नई बसें उपलब्ध कराने के लिए डिपो से मुख्यालय स्तर पर लगातार मांग की जा रही है लेकिन फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। संवाद
स्पेयर पार्ट्स की भी हो रही है दिक्कत
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में स्पेयर पार्ट्स के अभाव में 11 बसें ऑफरोड हो गई हैं। डिपो को इंजन, गियर बॉक्स, कमानी, इंजन और एसी यूनिट की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं। इस कारण खराब बसों को ठीक करने में दिक्क्त हो रही है। संवाद