बीआरओ की टीमें सड़कों से ग्लेशियर और बर्फ हटाने में जुटी हुई हैं।
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पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के पास चीन सीमा से सटे दारमा घाटी के 14 गांवों में भारी हिमपात के कारण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। बीआरओ की टीमें सड़कों से ग्लेशियर और बर्फ हटाने में जुटी हुई हैं। चलखूम में लगभग 40 मीटर लंबा और 10 मीटर ऊंचा ग्लेशियर आने से सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है।
बीआरओ की 67 आरसीसी ग्रेफ की टीम ने चलखूम ग्लेशियर प्वाइंट पर काम शुरू किया है। ओसी सौरव कुमार ने बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो चार से पांच दिन में सड़क खोल दी जाएगी। इसके अलावा, ढाकर से दांतू की ओर भी भारी हिमपात हुआ है, जहां बीआरओ की दूसरी टीम बर्फ हटाने में लगी हुई है।
दारमा घाटी में पानी के स्रोत और नल जमने के कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय मजदूर और सुरक्षाकर्मी बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं। भारी हिमपात के कारण 50 से अधिक मजदूरों की तबियत खराब हो गई है। 36 वाहिनी आईटीबीपी लोहाघाट की मेडिकल टीम ने बीमार मजदूरों का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया है। दारमा दीलिंग सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने आईटीबीपी के उच्च अधिकारियों से अनुरोध करने के बाद यह व्यवस्था की गई।
व्यास घाटी में भी भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। ग्राम बुदी, छियालेख, गर्ब्यांग, नपलचू और गुंजी के बीच सड़कों पर तीन फुट से अधिक बर्फ जमी है। बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रेफ की टीम जेसीबी मशीन से सड़कें खोलने में लगी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मौसम सही रहने पर तीन से चार दिन में सड़कें खोल दी जाएंगी।