डीडीहाट (पिथौरागढ़)। दूनाकोट सड़क पिछले 36 घंटों से बंद होने से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जरूरी कार्यों के लिए जान जोखिम में डाल दरकते बोल्डरों के बीच से आवाजाही करने को मजबूर हैं। एसडीएम ने सड़क का मुआयना कर सावधानीपूर्वक बोल्डरों को हटाने के निर्देश दिए।
डीडीहाट-दूनाकोट सड़क किमी 12 में बंद होने से क्षेत्र के दूनाकोट, देविसौना, खेतार कन्याल, बोरागांव, बमौरा, तल्ला, मल्ला कुणिया, मदनपुरी, कूटाचौरानी आदि गांवों की करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। बुधवार की शाम सड़क खोलने के लिए लोनिवि की ओर से जेसीबी लगाई गई थी। शाम छह बजे पहाड़ी से बोल्डर गिरने से जेसीबी चालक नंदू घायल हो गया। बोल्डरों से जेसीबी भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता एके वर्मन, वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह बिष्ट, जिपं सदस्य हरेंद्र चुफाल, निवर्तमान क्षेपंस महेश कन्याल मौके पर पहुंचे। 250 मीटर लंबे क्षेत्र में 80 मीटर ऊपरी पहाड़ी से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। ऊपरी पहाड़ी में कई बोल्डर हवा में लटके हुए हैं, जिनके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। सड़क पर गिरे बड़े बोल्डरों को ब्लास्टिंग से तोड़ा जा रहा है।
उप जिलाधिकारी गोस्वामी ने लोनिवि कर्मियों को सावधानी से बोल्डरों को हटाकर सड़क खोलने के निर्देश दिए। लोनिवि के ईई वर्मन ने कहा कि सड़क से बोल्डर और मलबा हटाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन ऊपर से गिर रहे बड़े पत्थरों से दिक्कत आ रही है।
जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही
डीडीहाट। दूनाकोट क्षेत्र के गांवों में दूध और सब्जी का अच्छा उत्पादन होता है। ग्रामीण दूध और सब्जी लेकर डीडीहाट आते हैं। सड़क बंद होने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। कमजोर तबके के लोग जान जोखिम में डाल दूध और सब्जी किसी तरह बाजार पहुंचा रे हैं। किमी 12 में बरसात के सीजन में हर वर्ष पहाड़ी दरकती है। इससे 250 मीटर का क्षेत्र काफी खतरनाक बना हुआ है। जिपं सदस्य हरेंद्र चुफाल और निवर्तमान बीडीसी सदस्य महेश कन्याल ने दरकती पहाड़ी का स्थायी समाधान किए जाने का अनुरोध किया।
चल्थी के पास 45 मिनट तक बंद रहा एनएच
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार को 45 मिनट तक चल्थी के समीप कठौल के पास बंद हो गया। पहाड़ी दरकने से एनएच सुबह 5:45 से 6:30 तक बंद हो गया। बाद में जेसीबी की मदद से राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए खोला गया। वहीं बारिश बंद होने के बाद भी सड़क पर मलबा आने का सिलसिला जारी रहा। उधर, ग्रामीण क्षेत्र की सेलापोथ और खटोली मल्ली सड़क भी मलबा आने से बंद हो गई। जेसीबी नहीं होने से इन सड़कों को नहीं खोला जा सका। इसके चलते लोगों को पैदल सफर करना पड़ा।