चामाचौड़ के लिए पैदल जाते डीएम डा. रंजीत सिन्हा
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जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा ने कहा कि चामाचौड़ क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा। चामाचौड़ के लोगों ने स्वीकृत सड़कों के निर्माण में हो रही देरी के विरोध में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार का ऐलान किया था, लेकिन ठीक चुनाव से पहले चामाचौड़ जाकर डीएम ने लोगों को मतदान के लिए राजी कर दिया था। साथ ही यह भी आश्वासन दिया था कि चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद एक बार फिर से क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसी वादे को पूरा करते हुए डीएम रविवार को चामाचौड़ पहुंचे।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि 2014 में सड़क की मांग को लेकर वह चुनाव बहिष्कार कर चुके हैं। उसके बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। उसके बाद जिला मुख्यालय में आमरण अनशन तक किया। तब अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि सड़क का निर्माण तत्काल शुरू कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया, लेकिन सड़क का काम शुरू नहीं हो पाया। चामाचौड़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिवाकर रावल ने डीएम को बताया कि लोग कब तक आंदोलन करेंगे। जबकि सड़क सात साल पहले मंजूर हो चुकी है।
चौड़मन्या से तीन किलोमीटर पैदल चलकर चामाचौड़ क्षेत्र में पहुंचे डीएम ने एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। क्षेत्र के लिए दो सड़क मंजूर हैं। पहली सड़क पाताल भुवनेश्वर से दौला, नानीशीतला, शिमायल तक प्रस्तावित है, जबकि दूसरी पाताल भुवनेश्वर से चौडमन्या तक बननी है। डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की तैयारी करें। डीएम ने क्षेत्र के लोगों का इस बात के लिए आभार जताया कि उन्होंने मतदान बहिष्कार वापस लिया और वोटिंग में हिस्सा लेकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। अब प्रशासन उनकी समस्या का समाधान प्राथमिकता से करेगा।
डीएम अपने साथ लोनिवि, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा बेड़ीनाग के एसडीएम विवेक प्रकाश, तहसीलदार राधेश्याम राणा, नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह को लेकर गए थे। स्थानीय जनप्रतिनिधि दीपक नेवलिया, राजेंद्र सिंह, राजेंद्र राम समेत कई ग्रामों के प्रधानों ने डीएम को समस्या बताई और सड़क के अभाव में गांवों से हो रहे पलायन की जानकारी दी।