दारमा घाटी के सोबला-ढाकर सड़क के ठालीगाड़ पर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के गांवों को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला-ढाकर सड़क 50 दिन बाद आवाजाही के लिए खोल दी गई है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।
सोबला के ठाड़ीधार में पुलिया क्षतिग्रस्त होने और दर के घटखोला में जमीन धंसने, बोल्डर गिरने से सड़क बंद चल रही थी। पहले यह सड़क सीपीडब्ल्यूडी के पास थी। बाद में इसे बीआरओ को हस्तगत किया गया। 67 आरसीसी बीआरओ के कार्मिकों ने लगातार तीन-चार दिन कार्य कर पुलिया के नीचे से आवागमन के लिए सड़क बना दी है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। बीआरओ अधिकारियों का कहना है कि घटखोला में भी शीघ्र सड़क पर यातायात सुचारु किया जाएगा।
बौंगलिंग के सामाजिक कार्यकर्ता कुंवर सिंह का कहना है कि पिछले 50 दिन से सड़क बंद होने से ग्रामीणों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब घाटी के 17 गांवों में प्रवास पर लोग आसानी से पहुंच सकते हैं। इसके अलावा पर्यटकों को भी आवाजाही में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।