चार दशक पहले बनी कनालीछीना-देवलथल सड़क की हालत अब तक नहीं सुधर पाई है। इस मार्ग में आज भी केवल छोटे वाहन ही आवाजाही कर पाते हैं। सड़क में तमाम हादसे होने के बाद भी लोनिवि सड़क सुधार करने के बजाय चुप्पी साधे है।
कनालीछीना-देवलथल मार्ग का निर्माण कार्य वर्ष 1975 में पूर्ण कर लिया गया था। 41 वर्ष बाद भी सड़क की हालत नाजुक बनी हुई है। अब भी सड़क में बड़े वाहन आवाजाही नहीं कर पाते हैं। सड़क में जगह-जगह पर दीवारें टूट चुकी हैं। जिन स्थानों पर दीवार बनाई गई हैं वह दीवारें खुदान की गई हल्की मिट्टी में आधे हिस्से से ऊपर को बना दी गई हैं। सड़क में तमाम बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।
इस सड़क से चौबाटा, बिशुनाखान, पुखरौड़ा, कापड़ीगांव, ख्वांतड़ी समेत तमाम गांव के लोगों ने विभाग से सड़क सुधारीकरण की मांग कई बार की जा चुकी है लेकिन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इलाके के लोग इस सड़क को खूनी सड़क के नाम से पुकारते हैं।
ख्वांतड़ी के क्षेत्र पंचायत सदस्य का कहना है कि वर्ष 2005 में सड़क की दीवार टूटने से राजस्व विभाग की जीप गिरकर पांच लोगों की मौत हुई। इस पर ग्रामीणों ने सड़क सुधारीकरण की मांग करते हुए आंदोलन किया। इस पर लोनिवि ने जल्द सड़क सुधारीकरण करने का आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित कराया था लेकिन 10 वर्ष बीतने के बाद भी विभाग का आश्वासन धरा का रह गया है। उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही सड़क सुधारीकरण का प्रयास नहीं करेगा तो लोनिवि के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उधर, लोनिवि अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी लेनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो पाया है।