धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर गर्बाधार के पास सोमवार को दोबारा चट्टान दरक गई। भारी चट्टान दरकने से वहां पहुंचे आदि कैलाश यात्रियों के तीसरे दल समेत कई लोगों ने भागकर जान बचाई। बाद में यात्रियों को सुरक्षित धारचूला लाया गया।
बीआरओ की ओर से तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए चार दिन पूर्व किए गए विस्फोट के कारण धारचूला से करीब 40 किमी ऊपर गर्बाधार के पास चट्टान दरक गई। इससे आदि कैलाश और उच्च हिमालयी क्षेत्र को जाने वाले सैकड़ों पर्यटक और यात्री धारचूला में ही फंस गए। इस सड़क को रविवार शाम पैदल आवागमन के लिए खोल दिया गया था। तब उम्मीद थी कि सोमवार को सड़क खुल जाएगी और आवागमन सुचारु होगा।
सड़क खुलने की सूचना पर सोमवार को आदि कैलाश के साथ ही ग्रामीण और पर्यटक आगे की यात्रा पर रवाना हुए। वह दोपहर जैसे ही गर्बाधार से आगे रवाना होने वाले थे अचानक फिर से भारी चट्टान दरक गई। चट्टानों के दरकने से पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार उठा। लोगों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। खुलने के कुछ ही मिनट बाद फिर से सड़क बंद हो गई।
दो-तीन दिन बाद ही यह सड़क खुलने की संभावना जा रही है। बार-बार सड़क बंद होने से लोगों में भी गुस्सा है। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि तीसरे दल के छह यात्रियों को वापस धारचूला लाया गया है। चौथे दल के पांच यात्री भी धारचूला में ही रुके हैं। निजी टूर ऑपरेटर के माध्यम से आए सैकड़ों लोग भी धारचूला में ही फंसे हैं। चट्टान दरकने से यात्रियों के साथ ही प्रवास पर व्यास घाटी के गांवों को जाने वाले लोगों में निराशा है।
बगैर तैयारियों के ही शुरू कर दी आदि कैलाश यात्रा
पिथौरागढ़। केएमवीएन ने इस वर्ष चार मई से आदि कैलाश की यात्रा शुरू की। बीआरओ की ओर से चीन सीमा पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। हालांकि डीएम ने आदि कैलाश यात्रा के दौरान बीआरओ को सड़क सुचारु रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी गर्बाधार में लगातार चट्टान दरक रही है। चट्टान दरकने के दौरान सोमवार को भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर भी गिरे। बताया जा रहा है कि मलबे से उठे धूल के गुबार में कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। इससे यात्रियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बार-बार पहाड़ी दरकने से प्रशासन और बीआरओ में आपसी समन्वय की कमी झलक रही है। कुटी से ज्योलिंकांग के बीच भी बर्फ के चलते अभी सड़क बंद है।
धारचूला से यात्रियों की बुकिंग पिथौरागढ़ शिफ्ट की
पिथौरागढ़। मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालय को जाने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में धारचूला पहुंच रहे हैं। यहां सड़क बंद होने से उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। धारचूला नगर में सभी होटल और पर्यटक आवास गृह पैक हैं। केएमवीएन टीआरसी के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि उनके आवास गृह में जगह न होने के कारण 40 से अधिक यात्रियों को पिथौरागढ़ शिफ्ट किया गया है। टीआरसी धारचूला भी यात्रियों से भरा है।