गंगोलीहाट के बुरसम गांव में मृत हत्यारोपी संतोष कुमार के शव का पंचनामा भरती पुलिस। संवाद
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के बुरसम गांव में पत्नी और चार महिलाओं का हत्यारोपी संतोष कुमार अपने बच्चों को अनाथ कर तीन परिवारों की खुशियां छीनकर ले गया। संतोष के इस कृत्य ने जहां पीड़ित प्रकाश राम से उसकी पत्नी और उसके दो मासूम बच्चों से मां का आंचल छीन लिया। वह अपने दो बेटों और दो बेटियों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल गया।
शायद ही कभी किसी ने सोचा होगा कि बरातों में छलिया बनकर मनोरंजन करने वाला संतोष इतना क्रूर हो जाएगा। बीए प्रथम वर्ष में पढ़ने वाला संतोष का बड़ा बेटा, 16 और 13 साल की दो बेटियां और एक छोटा बेटा अब अनाथ हो चुका है। उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
संतोष ने जिस प्रकाश की मां, पत्नी और बहन को मौत के घाट उतारा उससे दोनों परिवारों में मातम पसरा है। प्रकाश राम की पत्नी रमा देवी की मौत से उसके दो मासूम बच्चों के सिर पर मां के आंचल की छांव भी नहीं रही जबकि प्रकाश राम की बहन माया देवी की मौत से उसका पति दीपक सहित सभी ससुराली भी गहरे सदमे में हैं। माया देवी की शादी को एक साल भी नहीं हुआ था।
जिसका खौफ था वह घटना के दिन ही कर चुका था आत्महत्या
पिथौरागढ़। पुलिस जिस हत्यारोपी की तलाश में पिछले चार दिनों तक जंगल, गधेरों और गुफाओं में भटक रही थी उसने घटना के दिन ही अपनी भी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। बचा था तो केवल उसका खौफ। चार हत्याएं करने के बाद फरार संतोष को पकड़ने के लिए पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, एसओजी की कई टीम लगी थी। ड्रोन कैमरे और डॉग स्क्वाड की मदद भी ली जा रही थी। उसके आत्महत्या करने की आशंका को देखते हुए भी पुलिस ने अभियान चलाया। इसी तलाशी अभियान के दौरान उसका शव पेड़ से लटका मिला। शव पूरी तरह से काला पड़ चुका था। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद उसी दिन वह फंदे से लटक गया होगा। हत्या के आरोपी का शव बरामद होते ही पुलिस टीम भी गांव से चली गई है।