पिथौरागढ़ में चीर लेकर आते होल्यार।
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अष्टमी पर्व पर चीर बंधन के साथ ही पुरानी बाजार में खड़ी होली गायन शुरू हो गया है।‘ तेरे जट में बिराजे गंग शंभू चुन-चुन होली खेलेंगे’ के गायन और ढोल की थाप के साथ होल्यार चीर के लिए पेड़ लेने रई पहुंचे। मां महाकाली की पूजा-अर्चना के बाद चीर का आरोहण किया गया।
पुरानी बाजार से बाजे-गाजे के साथ लोग बृहस्पतिवार की सायं रई पहुंचे और वहां से मेहुल के पेड़ को चीर के लिए लाए। चीर में सुख-समृद्धि के लिए रंग-बिरंगे कपड़ों की पट्टियां बांधी गई।
राकेश साह ने विधि विधान के साथ मां महाकाली की पूजा-अर्चना की। हर रोज रात को चीर आरोहण स्थल पर देर रात तक होली गायन की धूम रहेगी। इस मौके पर सुनील वर्मा, अनिल मेहरा, सूरज थापा, पूरन पटवा, प्रकाश लाल साह, मिक्की साह, दिलीप थापा, दिनेश पंत, कमल पुनेड़ा, राजन वर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।
गंगोलीहाट। प्रसिद्ध महाकाली मंदिर में होली की चीर बांधी गई। इसके साथ ही खड़ी होली शुरू हो गई। बृहस्पतिवार को पुजारी दीप पंत, पंकज पंत ने पूर्वांग कर्म किया। इसके बाद विधि विधान के साथ होली चीर बांधा। इस अवसर पर बांधो कन्हैया ध्वजा चीर....होली गायन किया गया। यहां पर दिगंबर रावल, जीवन रावल, भगवत रावल, प्रभाकर उप्रेती, गिरीश जोशी, संतोष रावल आदि होल्यार उपस्थित थे। गांवों में एकादशी से खड़ी होली का आयोजन होगा।