हर साल की तरह इस साल भी सेना के जवानों को राखियां भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया बच्चे 15 हजार से अधिक जवानों के लिए राखियां भजेंगे।
उन्होंने बताया कि अर्निंग विद लर्निंग का यह कांसेप्ट बच्चों में कौशल विकास और हुनर को बढ़ाता है। उन्होंने बच्चों के हाथों की बनी राखियों को खरीदकर निर्धन और बेसहारा बच्चों का मनोबल बढ़ाने का अनुरोध भी लोगों से किया है।
घनश्याम ओली सोसायटी के बच्चे पिछले पांच सालों से अपने हाथों से राखियां बनाकर सेना के जवानों को भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीडीएस जनरल विपिन रावत और वॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन भी बच्चों के हाथों की बनी राखियों की प्रशंसा कर चुके हैं।